सारनी। सरकार के खिलाफ इंटक और सीटू संघ का विरोध कोल ब्लाक कमर्शियल माइनिंग एवं खदानों का निजीकरण के निर्णय के विरोध मे श्रमिक संघठनो ने 10 जून और 11 जून को पाथाखेड़ा के सभी मजदूरो ने पुरजोर विरोध किया। जिसमें इंटक, एटक, एचएमएस और सीटू चारो संगठन ने एक साथ सयुक्त मिलकर प्रधानमंत्री के नाम क्षेत्रीय महाप्रबधक कार्यालय मे क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक को ज्ञापन दिया एवं सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों का विरोध प्रदर्शन किया। इंटक एवं सीटू संगठन ने 10 जून व 11 जून को मिलकर क्षेत्र की प्रत्येक खदानों मे वर्कशॉप एवं महाप्रबंधक कार्यालय मे गेट मीटिंग सम्बोधित किया। गेट मीटिंग मे इंटक के पदाधिकारीयों एवं सीटू के पदाधिकारीयों ने गेट मीटिंग मे सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों का जमकर विरोध किया और खूब नारेबाजी किये और ये सरकार उद्योग पति पूंजी पतियों की सरकार हैँ और सरकार घन्ना सेठो की सरकार बताया गया। इस प्रदर्शन के दौरान सभी कामगारो ने काला फीता बांधकर कमर्शियल माइनिंग के खिलाफ विरोध दर्ज किया। इंटक के अध्यक्ष मो. आशिक खान, सीटू के वेकोलि वेलफर मेंबर कामेश्वर राय के नेतृत्व मे इंटक महामंत्री भरत सिंह, सीटू के अध्यक्ष कलिका प्रसाद, महामंत्री अशोक बुंदेला, इंटक के दामोदर मिश्रा, यासीन खान, सादिक रिज़वी, अशोक सेलकरी, निजहत, धनराज, वीरू सिंह, प्रमोद, महेन्द्र यादव, जावेद कुरैशी, मनोज मानकर, सुमित अग्रवाल, श्याम यादव, रत्नस्वरूप, भीमचंद, खेम चंद जावरे, चन्दन चौधरी, अवधेश तिवारी एवं सीटू के जगदीश सिंह रघुवंशी, एनएम पुंसे, अचित डे, चन्दन राय, जगदीश डिगरसे, बिंझाडे के साथ सभी सदस्य कामगारों ने विरोध किया।
2 दिन मजदूर संगठनों ने विरोध प्रदर्शन कर मुख्य महाप्रबंधक को सौपा ज्ञापन
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