- अलग अलग पंचायतो का दे दिया हवाला

आमला। आरईएस विभाग द्वारा ब्लाक में आनन फानन में निर्माण किये जलाशयों में कही गुणवत्ता का आभाव तो कही धांधली के मामले प्रकाश में आ रहे है ।
आरईएस विभाग द्वारा ग्राम पंचायत लादी के नाले पर 1 की जगह दो दो जलाशय निर्माण करवा दिए गए और दो अलग पंचायतो का हवाला भी दे दिया गया।
आलम यह है की लादी ग्राम पंचायत के नाले पर 29 लाख और इसी नाले पर आगे मंगारा जमदेहिकला के नाम पर 26 लाख का जलाशय निर्माण करवा दिया गया ।जो की समझ के परे है।लागत की अगर बात करे तो इतनी ज्यादा राशि मे एक ही सांईड के पास बड़ी राशि मे दूसरा निर्माण तकनीकी ज्ञान के आभाव को दर्शाता है इसके अलावा बारंगबाड़ी में 28 लाख कोठिया और अन्य पंचायतो में भी जलाशय बनाए गए है।जबकि बनाए गए डेमो की लागत राशि के अनुसार इनमें निर्धारित अनुपात में जल संग्रहण की स्थिति भी विभाग के अधिकारियों सहित उपयंत्री नही बता रहे है। वही मंगारा जलाशय में से फिल्टर का पानी पर्याप्त मात्रा में नही निकल पा रहा है जिससे निर्माण पर सवालिया निशान लग रहे है।
तथा मंगारा जलाशय निर्माण होने के बाद जिस स्थान पर वेस्टियर बनाई गई डेम बहने के कगार पर आने पर दोबारा डेम का बंड तोड़कर दूसरी वेस्टियर बना डाली गई ।फिर भी वेस्टियर से जब पानी निकलने की स्थिति नही तो फिर बारिश में ही मजदूरों को काम लगाकर पानी के बहाव हेतु ढलान बनाई गई ।
डेम निर्माण में अलग अलग बनाए स्टीमेट
अगर ब्लाक में बने जलाशयों की बात करे तो संख्या लगभग 9 आरईइस के आसपास और पंचायतो के 20 होगी लेकिन स्टीमेट की अगर बात करे तो विभाग के बनाए स्टीमेट राशि के अनुसार निर्माण की कहानी कुछ और बया कर रही है ।सांईड चयन में क्या जल स्त्रोतों के हिसाब से स्टीमेट नही बनाए यह सवाल भी उठता है वही लादी में जलाशय निर्माण के बाद दोबारा जलाशय की वाल पर मिट्टी व मुरुम अतिरिक्त सामग्री डालकर ऊँचाई भी बड़ाई दी गई।