होशंगाबाद रेंज से आए डीआईजी जगत सिंह राजपूत एवं पुलिस अधीक्षक बेतूल सुश्री सिमाला प्रसाद ने रानीपुर थाने में बनने वाले म्यूजियम का किया औचक निरीक्षण कर दिए दिशा निर्देश

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रानीपुर। प्रदेश का पहला पुलिस म्यूजियम बन रहा रानीपुर थाना  होशंगाबाद रेंज सेआए डी आई जी जगत सिंह राजपूत को पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद वअतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी एवं सारणी एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान शाहपुर एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा  ने गुरुवार को थाने का किया निरीक्षण करअधिकारी व कर्मचारियों को दिए आवश्यक दिशा निर्देश एवंआजादी की लड़ाई एवं पुलिस से जुड़े ऐतिहासिक सामग्री व  इतिहास का अवलोकन किया

रानीपुर पुलिस थाने की पुरानी भवन को पुलिस म्यूजियम बनाया जा रहा है यह म्यूजियम मध्य प्रदेश का पहला म्यूजियम होगा जिसमें आजादी के लडाई से संबंधित एवं पुलिस संबंधित ऐतिहासिक चीजें रखी जा रही है  पुलिस म्यूजियम की तैयारियों को लेकर होशंगाबाद रेंज के डीआईजी श्री  जगत सिंह राजपूत बैतूल पुलिस अधीक्षक एसपी सिमाला प्रसाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज सोनी ने गुरुवार को रानीपुर थाने के पुराने भवन जो कि म्यूजियम बनाया जा रहा जिसका निरीक्षण किया एवं व्यवस्थाएं देखी।
इसके साथ ही एसपी ने कार्य में प्रगति लाने के संबंध में जिसे उक्त संबंध में ठेकेदार ब समस्त थाना प्रभारी समय रहते ही शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए इस दौरान सारणी एसडीओपी श्री महेंद्र सिंह चौहान शाहपुर एसडीओपी महेंद्र सिंह मीणा थाना प्रभारी रानीपुर डीएसपी अजय गुप्ता   एएसआई अवधेश नारायण तिवारी शेख रफीक कुरैशी प्रधान आरक्षक सीताराम उई के अजीत मवासे , संदीप  इवने नरेंद्र राजपूत विनीत चौधरी संदीप यादव तिलक खरते सहित समस्त थाना स्टाफ उपस्थित था।

बैतूल पुलिस अधीक्षक सुश्री सिमाला प्रसाद ने होशंगाबाद से आए डी आईजी जगत सिंह राजपूत को रानीपुर थाने से जुड़े कार्य के बारे में अवगत कराते हुए  बताया कि रानीपुर थाने से कई ऐतिहासिक बातें जुड़ी हुई है। रानीपुर थाने का पुराना भवन 1913 में बनाया गया है 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान आदिवासी भाइयों ने थाने का घेराव किया था। पुराने भवन में लगे लकड़ी के खंभे पर आज भी घेराव के दौरान चलाई गई कुल्हाड़ी के निशान है। आज भी उपलब्ध है  इसलिए इस थाने का चयन किया गया है।

कैसा रहेगा पुलिस म्यूजियम
डीएसपी अजय गुप्ता ने बताया कि पुराने थाने भवन में कुल 7 कमरे है इन कमरों में अलग-अलग ऐतिहासिक सामग्री रखी जाएगी। बाहर के दो कमरों में पुलिस मेमोरियल के लिए रहेंगे। अंदर के कमरों में बैतूल की आदिवासी कल्चर, पुलिस की पुरानी वर्दी। पुलिस की ऐतिहासिक सामग्री, अंग्रेज के जमाने के पुलिस वाहन व पुरानी फर्नीचर के की प्रदर्शनी   बनाई जाएगी। साथ ही गोंडवाना शासन के समय की भी जानकारी ली जा रही है एवं म्यूजियम को भव्य रूप देने के लिए थाने के पीछे गार्डन का आधुनिक रूप तैयार करवाया जा रहा है एवं बाहर से आए हुए आगंतुकों के लिए चाय पानी की कैंटीन की व्यवस्था भी पुलिस महकमा द्वारा की जा रही है पुलिस विभाग के इस सराहनीय कार्य के लिए बैतूल जिले सहित अन्य जिलों में भी इस कार्य को लेकर प्रशंसा पुलिस विभाग की की जा रही है

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