हनी ट्रैप पर बोलूंगा तो और फंसा दोगे, माय होम का धंधा तो मैं बंद ही करने वाला था : जीतू

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  • हर गंभीर आरोप से मुकरा, अफसरों ने सख्ती दिखाई तो रोया, पत्रकार होने की दुहाई भी दी

इंदौर. मानव तस्करी जैसे संगीन मामलों में गिरफ्तार माफिया जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी पूछताछ में पुलिस अफसरों को घूमा-फिराकर जवाब दे रहा है। जब अफसरों ने हनी ट्रैप कांड में सीडी, वीडियो के बारे में पूछा तो बोला कि मैं कुछ भी बताऊंगा तो तुम मुझे और फंसा दोगे। मेरे बयान मेरे ही अगेंस्ट (विरोध) में जाएंगे। दबंगई के लिए पहचान बनाने वाले जीतू की हालत ये है कि जैसे ही अफसर उससे सख्त अंदाज में कोई सवाल पूछते हैं तो रोने लगता है। इधर-उधर की बातें करने लगता है। हालांकि अफसरों का मानना है कि ये उसकी बहानेबाजी और टालमटोल का ही तरीका है। 

हवालात में मोस्ट वांटेड, इसलिए महिला थाना लगा है मंदिर में
64 अपराधों से लदे जीतू के गिरफ्तार होकर आने के बाद महिला थाने का काम ठप सा हो गया है। सुरक्षा के लिए पूरे थाने को हथियारों से लैस जवानों ने घेर रखा है। अफसर पूछताछ के लिए आते हैं तो उसे थाने की हवालात से निकालकर ऊपर की मंजिल पर ले जाया जाता है, जहां सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन सुरक्षा इंतजामों के चलते महिला थाने के पीड़ितों की सुनवाई थाने के पास बने मंदिर में हो रही है।

गंभीर सवालों के जवाब टालता, गुमराह करता गया जीतू

हार्ड डिस्क : रिकॉर्डिंग नहीं होती थी
अफसरों ने माय होम के रिकॉर्डिंग सिस्टम की हार्ड डिस्क के बारे में पूछा तो बोला, माय होम में हम रिकार्डिंग नहीं करते थे, नाचने वाली लड़कियों से कोई बदसलूकी न करे, इसकी निगरानी होती थी।

ब्लैकमेलिंग : नहीं करता था
उससे पूछा कि धनाढ्य लोगों को माय होम में बुलाकर अश्लील डांस की रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करते थे तो वह मुकर गया, बोला, मैंने बताया न कि वहां ऐसी कोई रिकॉर्डिंग नहीं होती थी।

माय होम : पीड़िताओं पर चुप रहा
पुलिस अफसरों ने उसे 67 लड़कियों की दुर्दशा वाले फोटो और पीड़िताओं के बयान बताए। इस पर जीतू ने चुप्पी साध ली। बस इतना कहा कि मैं इस धंधे को जल्द ही बंद करना चाहता था। 

फरारी: मैं नेपाल भी गया था
सोमवार को देर रात तक हुई पूछताछ में जीतू ने बताया कि फरारी के 7 महीने में वह गुजरात के अलावा नेपाल भी गया था। वहां कुछ समय रहा और फिर राजकोट लौट आया।

पत्रकार : मैंने कई खुलासे किए
एसपी विजय खत्री ने बताया कि जीतू ने हनी ट्रैप कांड में उसके पास रखे सबूतों के बारे में कुछ नहीं बताया। उसने कहा- मैं भी पत्रकार हूं, मैंने कई खुलासे किए हैं, आप लोग मुझे गुंडा बनाने की साजिश कर रहे हो। 

बात कराने वाले लाइन अटैच
जल्द ही इस कांड की जांच कर रही एसआईटी की टीम भोपाल से पूछताछ के लिए आएगी। इधर, कोर्ट पेशी में मीडिया से जीतू की बात करवाने वाले दो आरक्षकों ओमप्रकाश सिंह और गोवर्धन को लाइन अटैच कर दिया है। 

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