
सारनी। लॉकडाउन में नगर पालिका और ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब का कारोबार चरम पर रहा। समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होते ही बेखर आबकारी विभाग निंद्रा से जागी और मगरमच्छ को राहत देकर छोटे लोगों पर कार्यवाही की गई जो प्रशासन में चर्चा का विषय बना हुआ है।
जानकारी अनुसार शराब दुकान शील तो कर दी गई लेकिन माल कितना था इसकी जानकारी आबकारी विभाग के पास नहीं होने से जांच कराने से कतरा रहे हैं। मामले की उच्यस्तरीय जांच कराई जाती है तो बड़ा मामला उजागर हो सकता है। गौरतलब रहे कि जांच कराने के मामले में आबकारी विभाग की बोलती बंद है। अवैध शराब बिक्री के मामले में आबकारी अधिकारी सुरेश कुमार उराव की बोलती बंद हो गई है। कलेक्टर राकेश सिंह के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी सुरेन्द्र कुमार उराव के मार्गदर्शन में 3 मई को वृत्त सारणी के सहायक जिला आबकारी अधिकारी ए के माहोरे के नेतृत्व मे पाथाखेड़ा, सलैया, मडक़ा ढाना, जाजबोड़ी, बाकुड़, में 12 स्थानों में दबिश देकर 4 आपराधिक प्रकरण मप्र आबकारी अधिनियम 1915 के अंतर्गत कायम किए गए । उक्त प्रकरणों में 20 पाव देशी मदिरा , 12 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, 110 किलो महुआ लाहन जब्त की गई जिसका अनुमानित मूल्य 7900 बताया गया। कार्यवाही में आबकारी उपनिरीक्षक राजेश वट्टी , पाथाखेड़ा चौकी प्रभारी नितिन पाल सहित स्टाप मौजूद था।
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