मजदूरों के अभाव में रुका राजडोह पुल का निर्माण कार्य

Estimated read time 1 min read

सारनी। 10 हजार से अधिक की आबादी वाले ग्रामों को जोड़ने वाले राजडोह पुल का निर्माण मजदूरों के अभाव में रुका पड़ा है। 9 करोड़ 63 लाख की लागत से बनना है पुल। वर्ष 2016 तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने किया था भूमिपूजन। पुल पर कार्य करने वाले मजदूर अपने घरों के लिए पलायन कर चुके हैं।

लोनिया ग्राम सहित वर्ष 2016 से बन रहे कई ग्राम पंचायत को जोड़ने वाले राजडोह पुल का निर्माण आज तक मजदूरों के अभाव में नहीं हो सका है। बताया जाता है कि सभी मजदूरों ने लॉकडाउन के चलते अपने-अपने अपने घरों के लिए पलायन कर लिया है, यह सभी मजदूर कटनी जिले के रहने वाले हैं जोकि सारनी से पलायन करते वक्त दमुआ पहुंचते ही 14 दिन कोरोन्टाइन में है इन मजदूरों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद अपने घर जाने का मन बना लिया है जिससे कि पुल निर्माण कार्य रुका पड़ा है। गौरतलब हो कि वर्ष 2012 में राजडोह पुल बह जाने के बाद इसके दोबारा निर्माण के लिए भूमिपूजन 25 जनवरी 2016 को तत्कालीन पीडब्ल्यूडी मंत्री सरताज सिंह ने किया था। जिसका निर्माण श्री विजय कुमार मिश्रा कंट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड रीवा द्वारा 9 करोड़ 63 लाख में 36 महीने बरसात छोड़कर किया जाना है।

वही प्राप्त जानकारी अनुसार इस पुल के निर्माण में 25 मजदूर, 5 से 10 लोकल के मजदूर, 7 स्टॉप के मजदूर पूरा करने में लगे थे, परंतु जेसीबी, हाइड्रा सहित अन्य वाहन चलाने वाले स्टाफ के मजदूर होली के दौरान अवकाश लेकर अपने अपने घर चले गए थे परंतु वे लॉकडाउन के कारण वापस निर्माण कार्य हेतु नहीं आ पाए। वही बचे 25 लेबर भी अपने ग्रह जिले कटनी के लिए कुछ दिनों पहले रवाना हो गए थे, जिनके सारनी से दमुआ पहुंचते ही उन्हें वहां 14 दिनों के लिए कोरोन्टाइन करा दिया गया, जिसके पश्चात सारनी से सभी मजदूरों को लेने हेतु साइट मैनेजर दमुआ पहुंचे जिस पर मजदूरों का कहना था कि वे अपने घर ही जाएंगे लॉकडाउन उनके पश्चात कार्य को शुरू करेंगे। परंतु मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के पश्चात सभी मजदूरों ने अपने घर तक जाने का फैसला पूर्ण रूप से कर लिया, जिससे कि लगभग 75% तक बने राजडोह पुल निर्माण का कार्य अटक चुका है क्योंकि यह सभी मजदूर कुशल रूप से पुल निर्माण करने में माहिर है जिनसे की यह पुल एक से डेढ़ महीने में पूर्ण रूप से बनकर तैयार हो जाएगा।

बरसात के कारण नहीं होगा निर्माण कार्य

राजडोह पुल का निर्माण के बरसात के पहले नहीं होने ठंड के मौसम तक रुक जाएगा। जिससे नदी के पार लोनिया पंचायत अंतर्गत राजेगांव, लोनिया, खापा, बिकलई, ब्रह्मणवाड़ा समेत अन्य गांव के 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित होंगे। क्योंकि निर्माण कंपनी को शासन के निर्देशानुसार वर्षाकाल को छोड़कर राजडोह पुल का निर्माण किया जाना है। अब ऐसे में पुल का निर्माण कार्य मजदूरों के अभाव में अधर में अटका पड़ा है। वही जानकारी अनुसार राजडोह पुल के साइट प्रभारी के द्वारा कुशल मजदूरों की खोजबीन जारी है अगर कुशल मजदूर मिल जाते हैं तो पुल का निर्माण लगभग 1 से डेढ़ माह में हो जाएगा।

इनका कहना हैं

मजदूरों के अभाव में पुल का निर्माण कार्य में रुका पड़ा है। हमारे माध्यम से कुशल मजदूरों की तलाश की जा रही है सही समय पर कार्य शुरू होने पर लगभग डेढ़ महीने में पुल निर्माण हो जायेगा।

कमेलश यादव, साइट प्रभारी

More From Author

+ There are no comments

Add yours