सारणी/ बैतूल। बैतूल के आमला सारणी के भाजपा विधायक के निजी अस्पताल में लाश रोकने के वायरल हो रहे वीडियो का विधायक ने खंडन किया है। विधायक ने इसे झूठा बताते हुए कहा है कि उक्त पीड़ित से न तो इलाज की राशि ली गयी थी और न ही शव रोकने जैसी कोई घटना हुई है। इलाज के लिए इस अस्पताल तक पीड़ित को भेजने वाले समाजसेवी ने भी शव रोकने की घटना को झूठा और फेंक बताया है।
बैतूल के निजी संजीवनी अस्पताल में गत दिनों इलाज के दौरान मृत हुए झिरीखापा के मजदूर दयाराम की मृत्यु के बाद अस्पताल का भुगतान न मिलने के चलते शव रोकने का वीडियो आज सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो।रहा है। इस मामले में आमला सारणी के भाजपा विधायक व अस्पताल के संचालक डॉ योगेश पण्डागरे ने आज इस वायरल वीडियो का खंडन किया है। विधायक डॉ पण्डागरे ने बताया कि उक्त दिन वह सारणी में थे मरीज़ के घरवाले बचे पैसों की व्यवस्था कर रहे थे जब उन्हें वापस आ कर घटना का पता चला तो मरीज़ को तुरंत बिना कोई पैसे लिए अंबुलेंस की व्यवस्था कर भेज दिया .अस्पताल में भर्ती उक्त मरीज की मृत्यु के बाद शव रोके जाने जैसी कोई घटना हुई ही नही थी।बल्कि इलाज के शुल्क के तौर पर शेष बची 30 हजार की राशि मे से भी आठ हजार रुपये की छूट परिजनों को दी गयी थी। इसके बाद शेष बची 22 हजार की रकम भी परिजनों से नही ली गयी। उस दिन न तो शव को रोका गया और न ही कोई सख्त तकादा किया गया था।
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