भाजपा जिला महामंत्री राहुल ने भाजपा को अलविदा कहा, निर्दलीय लड़ेंगे

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  • विधायक मामा के साथ शुरू किया था प्रचार, असंतुष्ट गुट भी समर्थन में


बैतूल। जैसे कि पहले से संभावना थी, वह सही भी हुआ। दरअसल भाजपा के जिला महामंत्री भैंसदेही विधानसभा से टिकट न मिलने को लेकर बगावत करने के मूड में थे। महेन्द्र सिंह चौहान को उम्मीदवार बनाने के बाद वे अपने विधायक मामा को साथ लेकर चुनावी मैदान में कूदने की तैयार कर रहे थे।
कल ही उन्हें सोशल मीडिया के कुछ गु्रप पर दामजीपुरा में परतवाड़ा के विधायक बच्चू कडू के साथ प्रचार करते देखा गया था। भाजपा से इस्तीफा दिए बिना वे प्रचार करने में लगे थे, उन पर कार्रवाई की संभावनाओं के बीच शुक्रवार दोपहर में उन्होंने पार्टी को अलविदा कह दिया। अब वे भैंसदेही से निर्दलीय चुनाव मैदान में कूद जाएंगे। हालांकि समाचार लिखे जाने तक भाजपा जिलाध्यक्ष को उनका इस्तीफा नहीं मिल पाया है।कोरकू समुदाय से ताल्लुकात रखने वाले दामजीपुरा के धाकड़ कांग्रेसी विधायक रहे स्व. सतीश चौहान की क्षेत्र में गहरी पैठ है। उनके पुत्र राहुल चौहान भी वर्षो तक कांग्रेस के सिपाही रहे, लेकिन वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार घोषित होने के बाद अजय शाह को टिकट दिए जाने से नाराज होकर कुछ वर्षो बाद उन्होंने कांगे्रस से इस्तीफा दिया था।
भाजपा ने कोरकू समाज के युवा नेता को हाथों हाथ लिया और जिलाध्यक्ष के बाद सबसे पावरफूल माने जाने वाले महामंत्री के महत्वपूर्ण पद पर नवाजा गया। इसी के बाद से राहुल के भैंसदेही से अगला विधानसभा चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना दिखाई दे रही थी, लेकिन पार्टी ने एक बार फिर पूर्व विधायक महेन्द्र सिंह चौहान पर भरोसा जताते हुए गत माह उनकी उम्मीदवार पर मोहर लगा दी। बस यहीं से राहुल की नाराजगी शुरू हुई और शुक्रवार मामला इस्तीफा पर पहुंच गया।
पहले शक्ति प्रदर्शन, फिर प्रचार शुरू किया
सूत्र बताते है कि सबसे पहले राहुल ने परतवाड़ा के विधायक और अपने मामा बच्चू कडू के साथ बड़ी तादाद में क्षेत्र के लोगों के साथ बैठक कर उनकी राय जानी थी। उसी दिन विधायक मामा ने ऐलान किया था कि राहुल को विधायक बनाने के लिए उनके जीजा से वायदा किया था, इसलिए पार्टी (भाजपा) ने उम्मीदवार नहीं बदला तो उन्हें मैदान में उतारा जाएंगा।

उनकी बात को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन गुरूवार को दिए गए समय की डेड लाईन निकल जाने के बाद बच्चू कडू खुद दामजीपुरा पहुंचे और अपने भांजे के साथ पूरे क्षेत्र में प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया। इसकी फोटो भी सोशल मीडिया के कई गु्रपों में वायरल हुई। तभी संभावना जताई जा रही थी कि भाजपा के जिला मंत्री राहुल चौहान बगावत कर चुनाव मैदान में उतरेंगे। हालांकि प्रचार करने के पहले उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया था, इसलिए संशय बना हुआ था। सभी उनके अगले कदम का इंतजार कर रहे थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें कभी गंभीरता से नहीं लिया।
इस्तीफे में इस बात का उल्लेख
शुक्रवार को श्री चौहान ने पार्टी जिलाध्यक्ष बबला शुक्ला को अपना इस्तीफा दिया है। सौंपे गए इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और जिला महामंत्री के पद से स्वेच्छा से त्याग पत्र दे रहे है। उन्होंने इस्तीफे में कहा है कि पार्टी ने मुझ पर जो विश्वास किया है, वह संगठन के उत्तरदायित्वों का अवसर दिया, इसके लिए सभी साथियों और वरिष्ठजनों का वे आभार व्यक्त करते है। अंत में उन्होंने इस्तीफा स्वीकार करने का आग्रह किया है।
असंतुष्ट गुट का मिला साथ, काफिले के साथ पहुंचे
जानकार सूत्रों ने बताया कि गुरूवार को जब विधायक बच्चू कडू अपने भांजे को निर्दलीय लड़ाने का बिगूल फूंक रहे थे, तब भैंसदेही से भाजपा प्रत्याशी महेन्द्र सिंह चौहान का विरोध करने वाला भाजपा का एक असंतुष्ट गुट भी यहां पहुंच गया।
खबरों पर यकीन करें तो असंतुष्ट गुट के जिम्मेदार पदाधिकारियों ने विधायक बच्चू कडू की उपस्थिति में राहुल को विश्वास दिलाया है कि वे तन-मन-धन से चुनाव में उनका साथ देंगे। कडू और असंतुष्ट गुट की एक बैठक भी बाद में हुई, इसी के बाद तय हो गया कि राहुल चौहान का निर्दलीय मैदान में उतरना तय है। राहुल के मैदान में उतरने से दामजीपुरा क्षेत्र के उनके प्रभाव वाले गांवों में भाजपा को नुकसान उठाने से इंकार नहीं किया जा सकता।
इनका कहना…
राहुल चौहान के इस्तीफे के संबंध में मुझे जानकारी नहीं मिली है। यदि इस्तीफा मिलता है तो देखा जाएंगा।
आदित्य बबला शुक्ला, जिलाध्यक्ष, भाजपा जिला बैतूल

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