
सारनी। एक ओर संपूर्ण जिला कोरोना वायरस से बचाव के लिये लॉक डाउन होने के कारण लोग अपने-अपने घरों से नहीं निकल रहे हैं। वही दूसरी और कालीमाई में ट्रकों की टंकी फोड़कर डीजल चोरी का सिलसिला कम नहीं हुआ हैं। रविवार की रात्रि पुनः किसी असामाजिक तत्व के माध्यम से दस पहिया वाहन की डीजल टंकी फोड़कर डीजल चोरी की। इससे पूर्व भी ठीक ऐसे ही ट्रकों की टंकी फोड़ कर डीजल चोरी करने का प्रयास किया गया हैं। परंतु आश्चर्य की बात तो यह है कि कालीमाई ट्रांसपोर्ट पर तो खुद पुलिस की डायल हंड्रेड मौजूद रहती है, तो वहां कैसे चोरी की घटनाओं अंजाम दिया जा रहा है। इससे पहले भी वहां कई महीनों से खड़े ट्रकों की टंकियां तोड़ कर डीजल चोरी करने की घटना को अंजाम दिया गया हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब खुद डायल हंड्रेड मेें पुलिस बैठी रहती है, तो फिर कालीमाई ट्रांसपोर्ट नगरी में डीजल चोरी की घटना टंकियां फोड़कर कैसे घटित हो रही है। कहीं ऐसा तो नहीं डायल हंड्रेड पर रहने वाले पुलिसकर्मी घटना के दरमियान अपनी अनुपस्थिति दिखाकर गायब तो नहीं हो जा रहे, अगर ऐसा है तो यह बेहद गलत बात है और अगर उपस्थित रहे हैं तो फिर कालीमाई ट्रांसपोर्ट नगरी में कैसे खड़े ट्रकों की टंकियां फोड़कर डीजल चोरी करने का मामला प्रकाश में आ रहा है। वही कालीमाई ट्रांसपोर्ट के अनीश कुरैशी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि कालीमाई ट्रांसपोर्ट नगरी में खड़ी गाड़ियों का रोजाना डीजल चोरी करने की वारदात लगातार बढ़ते जा रही है। चोरों द्वारा प्रतिदिन गाड़ी के डीजल टैंक में सब्बल सहित कई चीज़ों से फोड़कर डीजल चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा है। जबकि इससे पहले भी टंकिया फोड़कर डीजल चोरी करने की घटना हमेशा रात्रि 1 सेेे 5 के बीच घटित होती है और ऐसी घटना कोई एक दो बार नहींं कई बार घटित हो चुकी है। लगभग एक हजार लीटर से ज्यादा डीजल चोरी कर ट्रक मालिकों को मंहगी चपत लगाई जा रही है। और यह घटना घटित होने कालीमाई मंदिर प्रांगण में खुुुुद पुलिस की डायल हंड्रेड वाहन में पुलिसकर्मी मौजूद होते है। उसके बावजूद हर रोज ट्रकों की टंकियां फोड़कर डीजल चोरी की घटना घटित हो रही है। जिसका लेकर सोमवार को कालीमाई ट्रांसपोर्ट के ट्रक मालिक अनीश कुरैशी ने इसकी पाथाखेड़ा पुलिस शिकायत सेे की है और पुलिस प्रशासन से मांग करी कि अगर जल्दी ऐसी घटनाओं पर विराम लगाया जाये। वही जबकि डीजल चोरी की घटना की शिकायत इससे पहले भी कई बार पाथाखेड़ा चौकी को ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों द्वारा की जा चुकी है।
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