पीपरी नदी पर पुल नहीं होने से जान जोखिम में डाल नदी कर रहे है ग्रामीण

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  • सांसद आदर्श ग्राम कान्हावाड़ी का मामला

घोड़ाडोंगरी। गांवों के विकास के लिए प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की गई है। इस योजना के तहत देश के सभी सांसदों को एक साल के लिए एक गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य करना होता है। इससे गांव में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही खेती,पशुपालन, कुटीर उद्योग,रोजगार आदि पर जोर दिया जाता है। लेकिन घोड़ाडोंगरी तहसील के सांसद आदर्श ग्राम कान्हावाड़ी में पीपरी नदी पर पुल नहीं होने से ग्रामीण जान जोखिम में डाल नदी पार करते हैं। ग्रामीण कई वर्षों से नदी पर पुल बनाने की मांग कर रहे है। लेकिन अब तक नदी पुल निर्माण नहीं हो सकता है। इसके कारण ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डाल कर नदी को पार कर आना-जाना करते हैं। बैतूल सांसद डीडी उइके ने कान्हावाड़ी ग्राम पंचायत को गोद लेकर इसे सांसद आदर्श ग्राम घोषित किया है। ग्रामीणों ने सांसद से भी नदी पर पुल निर्माण की मांग की, लेकिन मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है।

बारिश में टापू बन जाते है कान्हावाड़ी पंचायत के तीन ढाने
पीपरी नदी पर पुल नहीं होने के कारण बारिश में कान्हावाड़ी के 3 ढाने टापू बन जाते है। ग्रामीण नन्दराम उइके ने बात की पीपरी नदी पर पुल नहीं होने के कारण बारिश अधिक वर्षा होने पर कान्हावाड़ी के 3 ढाने पहाड़ढाना,इंदलढाना और ईजीसीढाना टापू बन जाते है। गांव में बारिश के मौसम में किसी की तबीयत खराब हो जाने पर नदी में बाढ़ की स्थिति रहने पर पानी कम होने का इंतजार करना पड़ता है। वही कुछ दिन पूर्व एक ग्रामीण की तबीयत खराब होने पर उसे खड़िया पर लेटा कर उठाकर नदी पार कर घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुचाया गया था।

खाट में लादकर लाए जाते हैं मरीज
ग्रामीणों ने बताया गंभीर रूप से बीमार ग्रामीणों व गर्भवती महिलाओं को बारिश के दिनों में खाट पर लादकर नदी पार करवाना पड़ता है। पुल नहीं होने से 108 व अन्य एम्बुलेंस,जननी एक्सप्रेस जैसी सुविधाएं भी नहीं पहुंच पाती।

बारिश में कई बार नहीं जा पाते स्कूल,डर-डर कर करते है नदी पार
छात्र प्रीतम ने बताया कि पीपरी नदी पर पुल नहीं होने से बारिश के मौसम में कई बार नदी में बाढ़ होने पर स्कूल नहीं जा पाते। स्कूल जाने के लिए बड़ी मुश्किल से डर-डर से नदी पार करते है। नदी पर जल्दी ही पुल बनना चाहिए। छात्र शिवराज ने बताया कि नदी पार करते समय बहने का डर लगता है। स्कूल जाने एवं किसी जरूरी काम के लिए घोड़ाडोंगरी जाने के लिए नदी में कमर-कमर तक पानी भरे होने पर भी पार कर जाना पड़ता है।

तहसीलदार और जिलाधीश को भी पुल की मांग को लेकर सौंप चुके है ज्ञापन
कान्हावाड़ी के पूर्व सरपंच नरेंद्र उइके ने बताया पिपरी नदी पर पुल निर्माण के लिए ग्रामीण कई वर्षों से मांग कर रहे हैं। घोडाडोंगरी तहसीलदार एवं जिलाधीश तक को फूल की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा जा चुका है। इसके बाद भी नदी पर पुल का निर्माण नहीं होने से ग्रामीण अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर है।

इनका कहना है…
पीपरी नदी पर पुल निर्माण का प्रस्ताव सांसद जी को भेजा है। पूर्व में ग्राम पंचायत में भी पुल के लिए प्रस्ताव लिया था। पुल की लागत अधिक है। इसलिए पंचायत निर्माण नहीं कर सकती। सांसद महोदय के माध्यम से पुल निर्माण का प्रस्ताव भोपाल प्रेषित किया जा रहा है।
दानिश खान सीईओ जनपद पंचायत घोड़ाडोंगरी

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