त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति ने डॉ बाबा साहब अंबेडकर का 64 वां महापरिनिर्वाण दिवस मनाया

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सारनी। बौद्ध विहार समिति सारनी के तत्वाधान में सर्व प्रथम शापिंग सेंटर स्थित डॉ बाबा साहेब आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष भंते रत्न बोधी, वरिष्ठ उपासक बी.आर.मेश्राम, इंजीनियर डी. के. अतुलकर त्रिरत्न बौद्ध विहार समिति सारनी के अध्यक्ष नारायण चौकीकर द्वारा मोमबत्ती ,अगरबत्ती प्रज्वलित की गई तथा अतिथियों, एंव गणमान्य लोगों द्वारा बाबा साहब अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। बौद्ध विहार परिसर में मे भंते द्वारा त्रिशरण पंचशील गृहण किया गया भंते रत्न बोधी द्वारा डॉ बाबा साहब अंबेडकर  की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की तत्पश्चात स्थानीय वक्ताओं द्वारा  बाबा साहब अंबेडकर  की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला गया एवं श्रद्धांजलि अर्पित की गई। विचार व्यक्त करने वालों में नंदा थमके, ममता चौकीकर,रेखा मालवी, आर. सी. हुमने, आर. के. मरकाम अधीक्षण अभियंता, भाउराव पाटील, भाउराव भालेकर, कांता मुझमुले ने गीत के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। समिति के अध्यक्ष नारायण चौकीकर ने बताया कि डॉ बाबा साहब आंबेडकर ने अपने जीवन में बहुत संघर्ष कर शोषित पीड़ित जनता के हितों की रक्षा के लिए बहुत ज्यादा कार्य किए। उन्होंने सभी क्षेत्रों, राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्रों में भी कार्य किए देश की उन्नति में अनेक योजनाएं बनाई जैसे हिराकुंड बांध, नेशनल पावर ग्रिड की स्थापना, भारतीय रिजर्व बैंक की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाई। संविधान निर्माण में भी अपना अमूल्य योगदान दिया है जिसके कारण उन्हें संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। संविधान के माध्यम से सभी के हितों की रक्षा के लिए द्रड संकल्पित रहे। अपने जीवन के अंतिम दिनों में तथागत बुद्ध और उनका धम्म गृंथ का लेखन पूर्ण कर उसी रात्री को हजारों अनुयायियों को रोता छोड़ सदा के लिए हम सभी से जुदा हो गये। हम सब उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।कार्यक्रम का संचालन किरण तायडे ने किया।
इस अवसर पर उपासक, उपासिकाएं रहे डीके अतुलकर, सुभाष नागले,विठ्ठल ढोके, बलवंत पाटिल, आशीष खातरकर, भीमराव मालवे, बी आर पाटिल, दीनानाथ चौकीकर, आदर्श चौकीकर, बीआर मेश्राम, भीमराव भूमरकर, प्रदीप मेश्राम, लीलाधर पाटिल, अनिल डोंगरे, सहित सामाजिक जन उपस्थित थे।

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