जल-जीवन मिशन के लिए केंद्र सरकार प्रदेश को देगी 1280 करोड़ रुपए, मुख्यमंत्री ने कहा- हर घर तक शुद्ध पानी पहुंचाएंगे

Estimated read time 1 min read
  • केंद्र सरकार प्रदेश को 1280 करोड़ रुपए देगी और राज्य सरकार भी इतनी ही राशि मिलाएगा
  • मुख्यमंत्री ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत से चर्चा की

भोपाल. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत द्वारा ली गई वीसी में कहा कि राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में नल के माध्यम से शुद्ध पानी पहुंचाने के लक्ष्य को पूरा किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में वीडियों कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय मंत्री शेखावत से कहा कि केन्द्र द्वारा लक्ष्य को वर्ष 2024 के स्थान पर वर्ष 2023 तक पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इस हेतु केंद्र सरकार प्रदेश को 1280 करोड़ रुपया देगी।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग में केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत ने बताया कि जल-जीवन मिशन के अंतर्गत अब वर्ष 2023 तक निर्धारित लक्ष्यों को पूरा किया जाना है। इस वर्ष केन्द्र सरकार मिशन के क्रियान्वयन के लिए मध्यप्रदेश को 1280 करोड़ रूपए का बजट देगी। इतनी ही राशि राज्य सरकार मिलाएगी। इसके साथ इस बार मध्यप्रदेश को लगभग 6500 करोड़ रूपए मनरेगा के अंतर्गत प्रदाय किए जाएंगे।
शेखावत ने बताया कि मनरेगा में 65 प्रतिशत राशि जल संबंधी कार्यों के लिए खर्च की जानी है। इसमें से भी कुछ राशि का प्रयोग जल जीवन मिशन के लिए किया जा सकता है।वर्ष 2023-24 तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना

मुख्यमंत्री ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत प्रदेश में घर पर नल के माध्यम से जल प्रदाय से शेष लगभग 85 प्रतिशत (103.67 लाख) परिवारों को फंक्शनल हाऊसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) के माध्यम से वर्ष 2023-24 तक शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में वर्ष 2012 में जल निगम का गठन किया गया था, जिसके द्वारा समूह जल प्रदाय योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस मिशन शुरू हुए लगभग 09 माह व्यतीत हो गए हैं परंतु इसमें अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।

प्रदेश में इस तरह हो रहा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्य को गति देने के लिए प्रदेश में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन बनाए जाकर उसके अंतर्गत अपेक्स समिति एवं एग्जीक्यूटिव समितियों का गठन कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार के दिशा निर्देश अनुरूप मिशन के लेन-देन के लिए सिंगल नोडल एकाउंट खोले जाने की अनुमति प्रदान कर दी गई है। साथ ही मिशन के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक संस्थाओं के एनपैनलमेंट की कार्रवाई भी शुरू हो गई है। पूर्व से स्थापित तथा वर्तमान में प्रचलित योजनाओं के रेट्रोफिटिंग का कार्य तुरंत प्रारंभ किया जाएगा।

19 समूह योजनाएं पूरी हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के कुल 321 गुणवत्ता प्रभावित गांवों में शुद्ध पेयजल इस वर्ष के अंत तक उपलब्ध करवा दिया जाएगा। वर्ष 2020-21 की प्रस्तावित कार्ययोजना में अधिक से अधिक अजा-अजजा बाहुल्य गाँवों में कार्य प्रारंभ कराए जाएंगे। सांसद आदर्श ग्राम तथा आकांक्षी जिलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि जल निगम द्वारा 1231 करोड़ की 19 समूह योजनाओं को पूरा कर लिया गया है।

More From Author

+ There are no comments

Add yours