- यूनिवर्सिटी की मनमानी फीस के खिलाफ छात्रो ने सौंपा ज्ञापन ,कम नही हुई तो होगा आंदोलन
आमला। जब से छिंदवाड़ा विश्वविद्यालय खुला तब से वह महंगी फीस को लेकर चर्चा में बना हुआ है। नीलेश राठौर ने बताया कि कई मर्तबा महाविद्यालय के छात्र छात्राओं ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर विश्वविद्यालय द्वारा ली जा रही अधिक फीस को लेकर नाराजगी जताई थी। परंतु अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है। बीयू की अपेक्षा अधिक फीस लेने पर छात्र-छात्राओं विश्वविद्यालय की नीति के प्रति गुस्सा फूट रहा है। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय के छात्रों ने उच्च शिक्षा विभाग के आयुक्त व कुलसचिव छिंदवाड़ा के नाम प्रभारी प्राचार्य पीके मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर परीक्षा शुल्क 2315 रुपए से कम करने की मांग की है। उन्होंने बताया कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण पिछड़ा हुआ है। अभिभावकों की पर्याप्त आय नहीं होने व गरीब वर्ग से ताल्लुक रखने वाले परिवार के छात्र-छात्राएं शासकीय महाविद्यालय में सस्ती शिक्षा पाने के लिए अपना दाखिला करवाते हैं ।परंतु जिस हिसाब से यूनिवर्सिटी मनमाना शुल्क ले रही है। जिससे अभिभावकों के सिर पर चिंता की लकीर खींच चीज दी है। निर्धारित परीक्षा शुल्क से कम करने व परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि बढ़ाने की मांग की है।ताकि छात्र रुपयों का इंतजाम कर सके। श्री राठौर ने कहा कि यूनिवर्सिटी के द्वारा ओपन बुक एग्जाम करवाए जा रहे हैं। जिसमें छात्रा अपने स्वयं के व्यव पर पेज खरीदकर कॉलेज में जमा कर रहे हैं। परंतु यूनिवर्सिटी द्वारा छात्रों से परीक्षा शुल्क लिया जा रहा है।किस बात का लिया जा रहा है। यह बात भी समस्त विद्यार्थियों के गले नहीं उतर रहा जब एग्जाम ही नहीं हो रहा है। तो फिर किस बात की ली जा रही है। इसको लेकर भी खासी नाराजगी विद्यार्थियों में देखी गई उन्होंने चेतावनी दी है।कि अगर छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी अपनी मनमानी नहीं रोकेगी तो वे सड़क पर आकर यूनिवर्सिटी के रवैया के खिलाफ उग्र आंदोलन करने पर बाध्य होगी ।इस अवसर छात्र नेता नीलेश राठौर,विशाल,प्रीति सोलंकी,संध्या, रेशमा, वंदना, माधुरी,वर्षा, रवीना,मानसी,पूजा,दीपा, उमा,स्मिता, आदि बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित थे।
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