बैतूल। आमला विधानसभा से कांग्रेस का टिकट घोषित होने के बावजूद डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे को अब भी आस है कि पार्टी उन्हें अंतिम तारीख तक उम्मीदवार बना सकती है। इसी उम्मीद से निशा बांगरे ने आज छिंदवाड़ा में कमलनाथ से मुलाकात की है। जिस पर कमलनाथ ने उन्हें कोई न कोई हल निकालने का भरोसा दिया है। कमलनाथ ने साफ कर दिया है कि उनकी टिकट का मामला अब दिल्ली से ही निपटेगा। अगर एक-दो दिन में कांग्रेस इस पर कोई फैसला नहीं लेती है तो निशा बांगरे निर्दलीय तौर पर नामांकन दाखिल कर सकती हैं।
कुछ देर पहले कमलनाथ से मिली निशा बांगरे
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, निशा बांगरे ने आज देर रात छिंदवाड़ा में कमलनाथ से मुलाकात की है। उनके साथ पहुंचे समर्थकों ने कमलनाथ से करीब 15 मिनट टिकट को लेकर चर्चा की है। इस दौरान सर्वधर्म प्रार्थना से लेकर उनकी गिरफ्तारी तक के मुद्दे पर विस्तार से बात हुई। इस पर कमलनाथ ने कहा कि मैंने उन्हें कहा था कि वह कांग्रेस जॉइन कर लें। इसके जवाब में उन्हें बताया कि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया था, इसलिए उन्होंने कांग्रेस जॉइन नहीं की थी।
समर्थकों ने बताया कि भाजपा की जो मंशा थी, वह पूरी हो गई है। छुट्टी के दिन उनके इस्तीफे का आदेश तब लेकर अधिकारी पहुंचे, जब कांग्रेस ने आमला से उम्मीदवार घोषित कर दिया था। कमलनाथ को बताया गया कि निशा बांगरे को लेकर भाजपा का महिला विरोधी चेहरा लोगों के बीच चर्चा का विषय है। उनकी गतिविधि का प्रभाव पूरे प्रदेश है। अगर अब उन्हें टिकट नहीं दिया जाता है तो यह संदेश जाएगा कि कांग्रेस ने एक दलित महिला की नौकरी भी ले ली और टिकट भी नहीं दिया। इस दौरान कमलनाथ ने चुनाव प्रचार के लिए बेहद कम समय मिलने की बात भी कही। लेकिन उनके समर्थकों ने बताया कि वह 10 दिनों में चुनाव लड़ लेगी। कमलनाथ से हुई चर्चा में समर्थक आश्वस्त नजर आए।
दिग्विजय- सुरजेवाला बांगरे के समर्थन में
इधर, जानकारी मिली है कि दिग्विजय सिंह और रणजीत सुरजेवाला भी निशा को टिकट देने की समर्थन में है। उनकी तरफ से कमलनाथ पर दबाव बनाने के लिए कहा गया है। यही वजह है कि आज निशा छिंदवाड़ा पहुंचकर कमलनाथ से मिली है।
कमलनाथ ने CWC के पाले में डाली गेंद
मनोज मालवे को टिकट दिए जाने के बाद कमलनाथ अब निशा के मामले पर खुद कोई फैसला नहीं करना चाहते। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने निशा और उनके समर्थकों से साफ कह दिया है कि उनका मामला अब दिल्ली से ही निपटेगा। मैं इसके लिए बात करता हूं और कोई हल निकालता हूं। बताया जा रहा है कि कमलनाथ सारणी-आमला से सटी हुई छिंदवाड़ा जिले की दमुआ सीट पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर भी फैसला कर सकते हैं।
दो नामांकन भर सकती हैं निशा
इधर, सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने निशा के पक्ष में एक-दो दिन में फैसला नहीं किया तो वह दो नामांकन दाखिल कर सकती है। इनमें एक नामांकन कांग्रेस से जबकि दूसरा निर्दलीय तौर पर जमा कर सकती हैं। हालांकि इन हालातों के बावजूद वे चुनाव मैदान में नहीं उतरेगी। कहां तो यहां तक जा रहा है कि वह आम आदमी पार्टी के भी संपर्क में है। कांग्रेस से संपर्क से पहले वे आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पंकज गुप्ता और संदीप पाठक से मुलाकात कर चुकी हैं।
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