गायत्री प्रज्ञा पीठ द्वारा दैनिक यज्ञ का आयोजन

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सारनी। गायत्री परिवार ट्रस्ट गायत्री प्रज्ञा पीठ सारणी में आज दैनिक यज्ञ जो  सुनीता सोनी , रेखा बर्डे , प्रमिला बर्डे द्वारा संपन्न किया गया।  इस अवसर पर  उन्होंने कहा कि यज्ञ संहिता में लिखा है कि, बिना गायत्री यज्ञ के कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। यज्ञ के सर्वश्रेष्ठ कर्म बताकर बिना बुलाए यज्ञ कार्य में सम्मिलित होना चाहिए ।पूर्णाहुति के क्रम में उन्होंने बताया कि नारियल का गोला इसलिए समर्पित किया जाता है कि हम नारियल की तरह खोल से चिपके ना रहे, अलग हो हमें अपने पद ,प्रतिष्ठा, परिवार नाते ,रिश्तेदारों, मकान, दुकान खेत, खलियान से अत्यधिक,आसक्ति ग्रस्त नहीं होना चाहिए ,यही हमारे भटकाव का कारण होता है। परमात्मा के विराट ब्रह्मांड में विराटता का बोध कराते हुए कहा कि अनंत ब्रह्मांड में धरती एक पेंसिल की नोक के बराबर है ।जिसमें लगभग ढाई सौ से अधिक राष्ट्र है ।एक एक राष्ट्र में कई कई प्रांत है, कई कई प्रांतों में कई कई जिले हैं, उन जिलों में, हजारों हजार गांव है, प्रत्येक गांव में हजारों हजार की जनसंख्या है, और उस जनसंख्या में आप और हम हैं। अतः हमें अहंकार नहीं करना चाहिए, परमात्मा को अहंकार पसंद नहीं ,भगवान को निर्मल मन वाले  सच्चे जन ही जन ही भगवान को विशेष प्रिय है, भगवान ने मनुष्य के अंदर वह सारी विभूतियां बीज रूप में डाल रखी है। जो परमात्मा के अंदर है। समस्त शक्तियों के जागरण करने के उद्देश्य ही यज्ञ हवन जप तप दान सेवा पुण्य व्रत आदि कर पूर्णता के दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं ।इसी संदर्भ में सभी नगर वासियों को, देव परिवार में सम्मिलित होकर अपने अपने घरों में गंगा जली देवी स्थापना, घर-घर ज्ञान मंदिर की स्थापना, कर हमारे परिवारों को सुसंस्कृत कर उन्हें ,देव मानव बनाना ही अखिल विश्व गायत्री परिवार का मूलभूत उद्देश्य है। गायत्री प्रज्ञा पीठ सारणी में नियमित यज्ञ, निशुल्क सभी संस्कार समय-समय पर संस्कृति के उत्थान के लिए कार्यकर्ता गोष्टीया होती रहती है। अतः प्रज्ञा पीठ में नियमित रूप से होने वाली जन कल्याणकारी गतिविधियों में सम्मिलित होकर सेवा देने का विनम्र अनुरोध है।

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