कॉलेजों में गेस्ट फैकल्टी को अब 50 हजार तक मानदेय

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  • CM ने कहा- छुट्टी की सुविधा भी मिलेगी, लोकल लेवल पर हो सकेंगे ट्रांसफर

भोपाल। मध्यप्रदेश के कॉलेजों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों को अब कार्य दिवस के बजाए 50 हजार रुपए तक मासिक मानदेय मिलेगा। ये घोषणा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार सीएम निवास में आयोजित अतिथि विद्वानों की पंचायत में की है। अतिथि विद्वानों को मासिक मानदेय के अलावा स्थानीय स्तर पर ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी। अतिथि विद्वानों को अब सभी सरकारी अवकाश मिलेंगे। फाल एन आउट के चलते बाहर किए गए अतिथि विद्वानों को भी सेवा में लिया जाएगा। ITI के अतिथि अध्यापकों को 20 हजार रुपए मिलेगा। तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास केंद्रों में पढ़ाने वाले अतिथि विद्वानों को भी इसका लाभ मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, अतिथि विद्वानों का कष्ट देखकर मन दुखी होता था
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा, प्रदेश में दौरे करते समय अतिथि विद्वानों को नियमित करने की अपील और आवेदन कई बार मिलते रहे हैं। अतिथि विद्वानों का कष्ट देखकर मन दुखी होता था और इसलिए तय किया था कि अतिथि विद्वानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। युवाओं के भविष्य को मजबूत करने का काम अतिथि विद्वानों को ही करना है।
सालों से संघर्ष कर रहे अतिथि विद्वान
अतिथि विद्वान अपनी सेवा को नियमित करने को लेकर सालों से संघर्ष कर रहे हैं। पहले भी उन्हें आश्वासन मिला था। लेकिन अपेक्षा के मुताबिक अमल नहीं किया गया। अतिथि विद्वान और व्याख्याता महाविद्यालय प्रबंधन के फाल‌ एन आउट नीति का शिकार बन रहे थे। एक सत्र में सेवा देने के बाद उन्हें दूसरे सत्र में बाहर होना पड़ रहा था। इसके चलते उन्हें रोजगार की चिंता बनी रहती थी। इसके पहले उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सीएम की संवेदनशीलता अतिथि विद्वानों के लिए कोरोना काल में भी रही। जब कॉलेज बंद थे, लोगों को रोजगार की सुविधा देने के लिए ऑनलाइन क्लासेस के माध्यम से रोजगार दिलाया गया और मानदेय मिलता रहा।

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