- पहले ही प्रयास में मेडीकल-आईआईटी में चयनित हुए 6 छात्र-छात्राएं
बैतूल। आदिवासी बाहुल्य जिले बैतूल में आर.डी.कोचिंग क्लासेस में पढ़ाई करने से आज प्रदेश के टॉप चुनिंदा शासकीय मेडीकल-आईआईटी कॉलेज में बैतूल के छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिला है। जिले में मेडीकल-आईआईटी की शिक्षा अर्जन के लिए छात्र-छात्राओं को बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब आर.डी.कोचिंग क्लासेस विद्यार्थियों के सुनहरे सपनों को साकार करने में लगा है। आर.डी. कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने कड़ी मेहनत कर यह साबित कर दिया कि बड़े शहरों की चकाचौंध से दूर हटकर छोटे शहरों में रहकर भी सफलता को हासिल किया जा सकता है। जिले की एकमात्र उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्था आर.डी.कोचिंग क्लासेस में पढ़ाई करते हुए छात्र-छात्राओं ने प्रथम प्रयास में ही प्रदेश के टॉप शासकीय मेडीकल-आईआईटी कॉलेज में प्रवेश लिया है। जो कि कोचिंग के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अथक प्रयासों से संभव हो पाया है। मेडीकल में छात्रा कु. दिव्यानी उइके को एमबीबीएस की तैयारी करने के लिए शासकीय मेडीकल कॉलेज जबलपुर में प्रवेश मिला है। इसी तरह छात्रा कु. रौनक देशमुख एमजीएम कॉलेज इंदौर में अपना दाखिला करा चुके है एवं अब वह आगे की पढ़ाई कर रहे है। छात्र विवेक यादव को शासकीय मेडीकल कॉलेज रतलाम मिला है। आईआईटी, एनआईटी में छात्र रितिक अमरूते को आईआईटी कॉलेज हैदराबाद एवं छात्र योगेश उइके को एनआईटी कॉलेज जलांधर तथा छात्र दीपांशु महाले को एनआईटी सूरत कॉलेज में प्रवेश मिला है।
डैली प्रेक्ट्सि से मिली सफलता
छात्र-छात्राओं ने बताया कि आर.डी.कोचिंग में शिक्षक-शिक्षिकाओं का लगातार मार्गदर्शन मिलता रहा एवं उनके द्वारा जब भी डाऊट क्लासेस होते थे हम उन डाऊट क्लासेस में भी आकर पढ़ाई करते थे। कोचिंग में दी जाने वाली डैली प्रेक्ट्सि पेपर से भी फायदा मिला है।
छात्र-छात्राओं के उज्जवल भविष्य की कामना
आर.डी.कोचिंग क्लासेस की डायरेक्टर ऋतु खण्डेलवाल ने बच्चों की सफलता के लिए उन्हें शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित की है एवं बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की। उन्होंने यह भी बताया कि आर.डी. कोचिंग सेंटर खोलने का एकमात्र उद्देश्य यही था कि बैतूल शहर के अंदर ही बच्चों को कम बजट में मेडीकल और आईआईटी की तैयारी करने की सुविधा मिल सके। जब अभिभावक अपने बच्चों को मेडीकल और आईआईटी की तैयारी करने के लिए बाहर भेजने का मन बनाते थे तो वह निर्णय नहीं ले पाते थे कि बच्चें कैसे बाहर भेजे एवं उनके बजट में शिक्षा का भार नहीं उठा पाते थे। लेकिन अब बैतूल शहर में ही हमारे जिले के छात्र-छात्राओं को आईआईटी एवं मेडीकल की तैयारी करने के लिए सुनहरा अवसर मिल चुका है। अब हमारे जिले के अभिभावकों को कम बजट में अच्छी शिक्षा मिलेगी।
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