भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छिंदवाड़ा और बैतूल जिले में बनाई गई दो भूमिगत वेस्टर्न कोलफील्ड की खदानों का ऑनलाइन उद्घाटन किया. दोनों खदानों से 1.4 लाख टन कोयले का सालाना उत्पादन होगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि, कोल इंडिया की कंपनियों का राजस्व और रोजगार के रूप में जो योगदान दिया जा रहा है. वह उसकी प्रशंसा करते हैं. वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड की 56 खदानों में से 16 खदानें मध्यप्रदेश में संचालित हैं. जो प्रमुख रुप से छिंदवाड़ा एवं बैतूल जिले में है. सीएम ने कहा कि, जो दो नई खदानें बनी है, उनमें 458 करोड़ रूपए से शारदा भूमिगत खदान और 57 करोड़ कैपिटल इन्वेस्टमेंट किए जाने की योजना है. यह निश्चित ही प्रदेश के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. इससे 860 व्यक्तियों को रोजगार भी प्राप्त होगा.
खोली जाएगी चार और खदानें
सीएम शिवराज ने कहा कि, वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड अगले चार सालों में चार और खदानें खोलेंगा. इस परियोजना पर लगभग 13 सौ करोड़ रुपए खर्च किए जाएगे. जिससे एक हजार से भी ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा. इस प्रकार वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड का उत्पादन अगले 5 वर्ष में 4 मिलियन से 10 मिलियन टन करने की योजना है. इन दोनों परियोजनाओं के प्रारंभ हो जाने से प्रदेश को 2023-24 में अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा.
आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य होगा पूरा
मुख्यमंत्री ने कहा कि, भारत सरकार आत्मनिर्भर भारत भाग-4 कोविड-19 की घोषणा की गई है. जिसके तहत कोल इंडिया लिमिटेड का उत्पादन लक्ष्य 2023-24 तक एक बिलियन टन किया जाएगा. जिसके तहत कोल माइनिंग में खदान से रेलवे साइडिंग तक और ट्रांसपोर्टेशन करने के लिए 50 हजार करोड़ रुपए की घोषणा की गई है.
सीएम ने कहा कि, वह कोयला मंत्री एवं कोल इंडिया से आग्रह करते हैं कि, मध्यप्रदेश में स्थापित खदानों से कोयला खनिजों के रेलवे साइडिंग तक ट्रांसपोर्टेशन के इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिक से अधिक प्रस्ताव स्वीकृत कराएं. आत्मनिर्भर भारत में भारत सरकार की घोषणा के अनुरूप यदि कोल इंडिया लिमिटेड की खदानों से कोल बैड मिथेन के निकासी के अधिकार को नीलाम किया जाए, तो राज्य को राजस्व के तौर पर फायदा होगा.
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