बैतूल। कीट व वायरस के प्रकोप से खराब हो रही फसलों का गुरुवार को कृषि वैज्ञानिकों व अधिकारियों ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने फसल को बीमारी से बचाने व रोकथाम के लिए सलाह भी दी। किसानों की लगातार शिकायत के बाद अधिकारी भैंसदेही ब्लॉक के ग्राम बासनेर खुर्द, बासनेर कला, मालेगांव पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों को बताया सोयाबीन, गन्ना, मूगफली, उडद की फसल पर बीमारी से पीली पत्तीया होकर पौधे नष्ट हो रहे। हरे पौधे वाले खेतो मे भी फल्लियां नहीं लग रही हैं। निरीक्षण दल द्वारा किसानों से चर्चा कर उन्हें कीटनाशक छिड़काव करने की सलाह दी। निरीक्षण दल में श्री भगत उपसंचालक कृषि विभाग बैतूल, कृषि वैज्ञानिक श्री बारपेटे, कृषि विज्ञान केंद्र बैतूल बाजार श्री राजपूत, एसडीओ कृषि विभाग भैंसदेही श्री मोरे, वरिष्ठ कृषि अधिकारी भैसदेही श्री धोटे, ग्रा.कृ.वि.अधिकारी भैंसदेही शामिल थे। कृषि वैज्ञानिक ने किसानों को बताया धूप निकलने पर ही करोंदे से फल्ली लगेगी नही तो पौधे बांझ ही रह जाएंगे। बिमारी वाले प्लाट में फसल बदलकर बोने की सलाह दी हैं। इस क्षेत्र के 100 प्रतिशत किसानों की फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच रही हैं। कृषकों ने भारत सरकार एवं मध्यप्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि सोयाबीन पर 2011 से बीमारी आ रही है जो इस वर्ष महामारी का रूप ले चुकी हैं, जिसकी चपेट में उडद, मूगफली, मक्का, गन्ना आदि फसलें भी आ गई है। गौरतलब है कि बैतूल जिले की 80 प्रतिशत भूमि पठारी एवं मुरम वाली हैं। किसानों को अपना भविष्य अंधकार में लग रहा है। किसानों ने शासन से मांग करते हुए कहा कि किसानों के हित में स्थाई समाधान निकाले। मौके पर डॉ.राजू महाले, दिलीप ठाकरे, रमेश ठाकरे, महादेव ठाकरे, मारोती लिखीतकर, सहदेव लिखितकर मौजूद थे।
निरीक्षण: कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारी पहुंचे खेतों में,कीटनाशक का छिडकाव करने की दी सलाह
Posted on by Vishal
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