सारनी। एबी टाइप कॉलोनी में निवासरत वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण का कार्य करने वाले पर्यावरणविद आदिल खान के घर हट्समैन स्पाइडर मिली है। इस मकड़ी का आकार क्षेत्र में आमतौर पर पाई जाने वाली अन्य मकड़ियों से अधिक है।आदिल ने बताया कि यह मकड़ी लगभग 9 सेंटीमीटर बड़ी थी, जिसका मुंह और शरीर लगभग 2 सेंटीमीटर का था। यह हंट्समैन प्रजाति की स्पाइडर है, आमतौर पर जंगलों में देखने को मिलती है पर कभी-कभी शिकार की तलाश में लोगों के घरों में भी आ जाती है, इसके चलने की गति और शिकार करने के तरीके की वजह से इसे हंट्समैन स्पाइडर कहा जाता है।
यह मकड़ी जाला बनाने की जगह कीड़े मकोड़े व अन्य छोटे जीवों को सीधा हमला करके पकड़ती है आसान शब्दों में कहें तो उनका शिकार करती है। शिकार करते समय यह अपने नुकीले दांत (Fangs) से ज़हर छोड़कर अपने शिकार को मारती हैं, वही इनका जहर मनुष्यों पर ज़्यादा असर नहीं करता, इन के काटने से मनुष्यों को सूजन आ सकती है और कटने वाली जगह पर दर्द महसूस हो सकता है। आमतौर पर यह मनुष्य को नहीं काटते हैं। आदिल ने बताया कि यह मकड़ी दिखने में आकर्षक होती है और अधिकतर यह मकड़िया जंगलों में ही मिलती हैं, परंतु आज के समय में जंगलों की हो रही अंधाधुंध कटाई के चलते इनके प्राकृतिक आवास सिकुड़ रहे हैं जिस वजह से यह रिहायशी इलाकों में और लोगों के घरों में भी आने लगी है, आदिल का कहना है कि इस तरह की मकड़िया अगर घरों में आ जाएं तो उन्हें किसी भी तरह का नुकसान ना पहुंचाएं और उन्हें बाल्टी या किसी डब्बे में भरकर घर के बाहर छोड़ दें। आदिल ने जानकारी देते हुए बताया कि मकड़ियों की गिनती कीड़ों में नहीं होती बल्कि यह बिच्छू की तरह अष्टपाद फैमिली से संबंध रखती हैं, इनका शरीर दो भागों में बटा होता है।
जाला नहीं बनाती यह मकड़ी, नाम है “हंंट्समैन स्पाइडर” सीधे करती शिकार
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