- शोभापुर के सामुदायिक भवन में लगी हुई है प्रदर्शनी
सारनी। कोयलांचल क्षेत्र पाथाखेड़ा के छोटे से शहर में आदिवासी अंचल क्षेत्र की महिलाओं के द्वारा निर्मित सामानों का प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी सामुदायिक मंगल भवन में लगना अपने आप में किसी उपलब्धि से कम नहीं है। महिलाओं के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में कलात्मक सामग्री का निर्माण कर उन्हें मुख्य शहरों में पहुंचा कर प्रदर्शनी लगाना अपने आप में यह एक उपलब्धि से कम नहीं है। यह उद्गार वेस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड पाथाखेड़ा के क्षेत्रीय महाप्रबंधक प्रमोद कुमार चौधरी ने प्रदर्शनी का शुभारंभ करते हुए कहा उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार आत्मनिर्भर भारत बनाने का सपना देख रहा है और यह सपना ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं पूरा कर सकती। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के कमलेश सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं एक से बढ़कर एक सामग्रियों का निर्माण करती है चाहे वह खाद्य सामग्री हो या कालवस्तु हो चाहे कपड़े हो बस उन्हें एक बाजार चाहिए यदि बाजार उन्हें मिला तो समझिए कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं केंद्र सरकार की आत्मनिर्भर भारत को बल देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वाह करेगी। ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने इस अवसर पर उपस्थित स्व सहायता समूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस मुकाम पर हमारी संस्था को आने में 35 वर्ष का लंबा समय लगा है लेकिन आज आत्म संतुष्टि प्राप्त होती है कि ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं अपने उत्पादन को बनाकर हमारे माध्यम से एक बाजार की तलाश में है और हम उन्हें बाजार उपलब्ध कराने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं और इसमें हमें सफलता भी मिल रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मनिर्भर कैसे बनाएं महिलाओं को समाज के मुख्यधारा में कैसे जुड़े इसको लेकर ग्राम भारती महिला मंडल नित नए प्रयोग करते रहती हैं,जिसमें उन्हें सफलता भी प्राप्त होते दिखाई दे रही है। गुरुवार को शोभापुर के सामुदायिक भवन में ग्राम भारती महिला मंडल एवं इंडिया ट्राईफेड भोपाल के संयुक्त तत्वाधान में 7 दिवसी राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। प्रदेश स्तर की प्रदर्शनी में बैतूल जिले के अलावा धार, झाबुआ,खंडवा,हरदा, छिंदवाड़ा,महेश्वरी,चंदेरी अशोकनगर सहित अन्य जिले के व्यवसायियों के द्वारा जो स्व सहायता समूह जिसमें महिला है। उन महिलाओं के द्वारा बनाए गए सामग्रियों की खरीदी और बिक्री का कार्य इस प्रदर्शनी में किया जाएगा। ग्राम भारती महिला मंडल की अध्यक्ष भारतीय अग्रवाल ने शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं से अपील की है कि इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी मंण आकर महिलाओं के द्वारा निर्मित सामग्री का क्रय विक्रय करें और देखें कि महिलाएं कैसे आत्मनिर्भर बन सकती हैं। कार्यक्रम का मंच संचालन संस्था की नंदा सोनी के माध्यम से किया गया जबकि कार्यक्रम में आए अतिथियों का आभार लीलाधर दवण्डे,रजीत दुर्गे ने व्यक्त किया।
झाबुआ की सामग्री मन मोह रही है प्रदर्शनी
प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र नटवर धाकिया है जो झाबुआ से आए हैं इन के माध्यम से बास से निर्मित पेपर वेट, बास लैंप सहित आदिवासी संस्कृति में जिन सामग्रियों का उपयोग किया जाता है और उस सामग्री से जो आदिवासी कल्चर सुशोभित होती है उन सामग्रियों को यह प्रदर्शनी में लगाकर बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इसके अलावा अनिल वाघमारे जो बैतूल जिले के भारत भारती के समीप के हैं इनके द्वारा बेल मेटल की सामग्री जो पीतल,तांबा काशा,जास्त, एलमुनियम सहित पंच धातु से निर्मित होता है उन सामग्री की कलाकृतियों को लेकर प्रदर्शनी में आए हैं जो इस प्रदर्शनी को चार चांद लगाने में किसी भी तरह की कोताही नहीं बनाता है। अब बस इंतजार है तो क्षेत्र के ग्राहकों का जो आए और महिलाओं के द्वारा निर्मित सामग्री मेहनत कलाकृति की पहचान करें और उसकी खरीदी करें।
राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में इन-इन ने लिया भाग
ग्राम भारती महिला मंडल के माध्यम से प्रदेश स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन गुरुवार शाम 4 बजे से शुरू हो गया है। यह 7 दिनों तक रहेगा इस प्रदर्शनी में बाग प्रिंटर स्व सहायता समूह धार,डॉ कलाम स्व सहायता समूह सीधी,ट्राईफेड इंडिया भोपाल,कलम संप्रदा प्रदुधन कंपनी छिंदवाड़ा, नरवर धकिया रियो झाबुआ,दिव्या धाकियां झाबुआ,सुरेंद्र खराडे महेश्वर,मधुकर सहायता समूह धार,संगीता डिकारे बेतूल,मां सरस्वती स्व सहायता समूह बैतूल,घनश्याम आदिवासी चंदेरी, गोरेलाल चंदेरी,दुर्गा महिला स्व सहायता समूह घोड़ाडोंगरी, नयन स्व सहायता समूह भीमपुर अमन तेकाम भोपाल,स्व.चेतना स्व सहायता समूह सारनी सहित अन्य सोसाइटी समूह ने इस राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में हिस्सा लिया है।
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