- सारनी वन परिक्षेत्र अधिकारी विजय बारस्कर ने की थी मामले की विवेचना
बैतूल। न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी बैतूल द्वारा आरोपी सुभाष पिता प्रेममोहन पाण्डे उद्य- 54 वर्ष निवासी फार्म हाउस सोमवारी पेठ बैतूल के फार्म हाउस, निवास तथा टिशू लैब में कुल 124 नग अवैध सागौन की लकड़ी पायी गयी थी तथा आरोपी के फार्म हाउस पर अवैध आरामिल चलाते हुए कुछ फर्नीचर बनाने के औजार जप्त किये गये थे। न्यायालय द्वारा आरोपी सुभाष पाण्डे को धारा 5/16 म.प्र. वनोपज व्यापार अधिनियम एवं धारा 13 म.प्र काष्ठ चिरान (व्यापार विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत दोषी पाते हुए धारा 16 म.प्र. वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम के अधीन 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000/- रूपये का जुर्माना तथा धारा 13 म.प्र. काष्ठ चिरान (व्यापार विनियमन) अधिनियम के अधीन 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5,000/- का जुर्माना इस प्रकार एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं कुल 10,000/जुर्माने से दंडित किया गया। प्रकरण में म.प्र. शासन की ओर से सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अजीत सिंह द्वारा पैरवी की गई। इस प्रकरण में दिनांक 19 फरवरी 2014 को वन परिक्षेत्र बैतूल सामान्य को सूचना प्राप्त हुई थी कि आरोपी सुभाष अपने फार्म हाउस, निवास एवं टिशु लैब में अवैध सागौन की लकड़ी रखे हुए है तथा उसके द्वारा अवैध आरामिल का संचालन किया जा रहा है, उक्त शिकायत के आधार पर जिला वनमण्डाधिकारी ने आरोपी सुभाष के निवास, फार्म हाउस तथा टिशू लैब की तलाशी हेतु सर्च वारंट जारी किया था तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी सामान्य बैतूल में एक दल गठित कर आरोपी के निवास तथा फार्म हाउस पर पहुंचकर वारंटी तामील कराया गया। आरोपी के तलाशी देने हेतु सहमत होने पर उसके निवास तथा फार्म हाउस की तलाशी लिये जाने पर उसके निवास एवं फार्म हाउस के पीछे से अवैध सागौन की लकड़ी मिली थी तथा उसके फार्म हाउस से फर्नीचर बनाने का औजार आरी, बिन्नी, गुनिया, बसूला, हथौड़ी, फेविकॉल डिव्या, विजली वायर, रिंदा, लोहा लैड तथा नयी सागौन चिरान जप्त की गयी थी। आरोपी के हमलापुर बैतूल स्थित टिशू लैब की तलाशी लेने पर लैब में अवैध सागौन की लकड़ी से बनी खिडकी, दरवाजे तथा कुछ सागौन की लकड़ी जप्त की गयी थी। इस प्रकार आरोपी के निवास, फार्म हाउस एवं टिशू लैब से कुल 124 नग अवैध सागौन की लकड़ी मिली थी। जिसे मौके पर ही जप्त किया गया था। आरोपी सुभाष के द्वारा सागौन लकड़ी रखने एवं आरामिल चलाने के संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किये गये थे, प्रकरण की विवेचना वन परिक्षेत्र सहायक विजय बारस्कर बैतूल के द्वारा की गयी थी। विवचेना उपरांत आरोपी सुभाष पाण्डे के विरुद्ध धारा 516 म.प्र.वनोपज व्यापार विनियमन अधिनियम एवं धारा 13 म.प्र. काष्ठ चिरान (व्यापार विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत परिवाद पत्र तैयार कर माननीय व्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।
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