होम क्वारेंटाइन व्यक्ति को अपने घर के अंदर रहना जरूरी, प्रथम उल्लंघन पर होगा दो हजार रूपए का जुर्माना

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बैतूल। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री राकेश सिंह ने स्वास्थ्य आयुक्त मप्र के निर्देशों का हवाला देते हुए बताया कि जो भी व्यक्ति जिले में बाहर से प्रवेश करने के कारण या प्रथम मेडिकल परीक्षण में लाक्षणिक कारणों से क्वारेंटाइन किए जाने के लिए चिन्हित किये जाते हैं, उन्हें अनिवार्यत: होम क्वारेंटाइन/संस्थागत क्वारंटाइन में रहना होगा।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 के तहत ऐसा व्यक्ति जिसे होम क्वारेंटाइन हेतु चिन्हित किया गया है, उसे अनिवार्यत: अपने घर के अंदर ही रहना होगा तथा घर के अन्य सदस्यों से सामाजिक दूरी बनाकर रहना होगा। उसके घर के सामने तदाशय की पीली पर्ची चिपकाई जाएगी।
यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग के अमले द्वारा दिए गए विकल्प के अनुसार वचनबद्ध होने से इंकार करता है तो उसे अनिवार्यत: संस्थागत क्वारेंटाइन किया जाएगा एवं वह व्यक्ति ऐसा होने के लिए बाध्य होगा।
कोई व्यक्ति जिसने होम क्वारेंटाइन रहने का वचनपत्र दिया है। यदि वह होम क्वारेंटाइन का पालन नहीं करता है, घर से बाहर निकलना पाया जाता है तो उसके ऐसे प्रथम उल्लंघन पर उसके विरूद्ध दो हजार रूपए की शास्ति/दण्ड अधिरोपित करते हुए राशि ली जाएगी। इस राशि को संबंधित स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत अथवा नगरीय निकाय प्राप्त करेंगे। यदि संबंधित व्यक्ति शास्ति राशि जमा करने से इंकार करता है तो भू-राजस्व की बकाया की भांति उससे उक्त राशि की वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
होम क्वारेंटाइन का दूसरी बार उल्लंघन करने पर ऐसे व्यक्ति को अनिवार्यत: संस्थागत क्वारेंटाइन में रखा जाएगा। समस्त मैदानी अधिकारी, इंसिडेंट कमांडर/कार्यपालिक मजिस्टे्रट के नेतृत्व में इसके लिए उत्तरदायी होंगे एवं इसका पालन कराएंगे।
कलेक्टर ने कहा है कि यह आदेश आम जनता को संबोधित है। वर्तमान में ऐसी परिस्थितियां नहीं है और ना ही संभव है कि इस आदेश की पूर्व सूचना प्रत्येक व्यक्ति या समूह को दी जाकर सुनवाई की जा सके। अत: दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 (2) के तहत यह आदेश एकपक्षीय पारित किया गया है। इस आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के विरूद्ध भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 तथा एपिडेमिक एक्ट 1897 के तहत मप्र शासन द्वारा जारी किए गए विनियम दिनांक 23 मार्च 2020 की कंडिका 10 के अंतर्गत भारतीय दण्ड संहिता की धारा 187, 188, 269, 270, 271 के अंतर्गत दण्डनीय है एवं उल्लंघनकर्ता के विरूद्ध इन धाराओं के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश 28 मई 2020 से आगामी आदेश पर्यन्त प्रभावशील रहेगा।

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