- संविधान दिवस पर वेबीनार का आयोजन
शाहपुर। संविधान दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में अनेकों कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शासकीय महाविद्यालय शाहपुर में भी राष्ट्रीय सेवा योजना संयुक्त इकाई के तत्वाधान में आज संविधान दिवस पर विद्यार्थियों के लिए समरस भारत और भारतीय संविधान विषय पर व्याख्यान माला का आयोजन गूगल मीट एप के माध्यम से किया गया। सब को आगे बढ़ने के समान अवसर प्राप्त हो यही संविधान की मूल भावना है। समरसता वास्तव में समानता की बोधक है उक्त विचार वेबिनार को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर एम डी वाघमारे ने व्यक्त किए। वेबीनार के संयोजक डॉ संजय बाणकर ने कार्यक्रम की भूमिका रखते हुए कहा कि बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित यह संविधान देश के लोकतांत्रिक ढांचे को जीवित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। हमें अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के प्रति भी सदैव सजग रहना होगा तभी संविधान की मूल भावना सार्थक होगी। प्रो. चंद्र किशोर वाघमारे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विचार रखे। प्रो. डॉ शीतल चौधरी ने उक्त विषय पर विचार रखते हुए कहा कि हमारा संविधान विश्व के सबसे अच्छे लिखित संविधानो में से एक है। संविधान के अनुच्छेद 14 व 15 को अपने संविधान की आत्मा बताते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को भेदभाव मुक्त वातावरण प्रदान कर आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना ही दोनों अनुच्छेदों का उद्देश्य है। संविधान की उद्देशिका का उल्लेख करते हुए प्रो. नीतू जायसवाल माहोरे ने कहा कि हमारा संविधान न केवल कठोर है बल्कि लचीला भी है। विभिन्न संविधान संशोधनों के द्वारा हमारे संविधान को और अधिक समृद्ध व प्रभावपूर्ण बनाया गया है। राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ स्वयंसेवक रोहित जैन ने भी इस अवसर पर अपने विचार रखें। कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रो. सचिन कुमार ने सभी वक्ताओं का आभार व्यक्त किया वेबीनार के बाद महाविद्यालय के सभी अधिकारी और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से संविधान की रक्षा करने की शपथ ली । इस आयोजन में डॉ. देवेंद्र कुमार रोडगे, डॉ. ओम झा, डॉ.पवन सिजोरिया, प्रो. ज्योति वर्मा, प्रोफेसर राजेंद्र ठाकुर, प्रो. अलकेश सोनारे एवं सभी राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकऑनलाइन उपस्थित थे।
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