संस्कृति की पुनर्स्थापना करना ही संस्कार भारती का लक्ष्य है: कुशवाह

Estimated read time 0 min read

सारनी। संस्कार भारती बैतुल जिले का दूसरा दीपावली मिलन कार्यक्रम सारनी के सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित किया गया ।कार्यक्रम का प्रारंभ अतिथियों द्वारा  नटराज पूजन कर दीप प्रज्वलित कर  किया । संस्कार भारती का   ध्येय गीत  सामुहिक रूप से गान किया । संस्कृति की पुनर्स्थापना करना ही संस्कार संस्कार भारती का लक्ष्य है ।  संस्कार भारती ललित कलाओं के माध्यम से राष्ट्र भाव का जागरण कर रहीं हैं । संस्कार भारती के कार्यकर्ता गाँव गाँव में काम कर रहे हैं । संस्कार भारती के छः उत्सव है । 8 विधाओ के माध्यम  समाज को जोडने का काम संस्कार भारती कर रही है । हमे भारत माता के लिए कार्य करना है । उक्त विचार संस्कार भारती के दीपावली मिलन कार्य क्रम में मोतीलाल कुशवाह प्रांतीय सह महामंत्री ने व्यक्त किये । इस अवसर पर संस्कार भारती बैतुल के संरक्षक अंबादास सूने ने बताया कि संस्कार भारती की स्थापना 1981 में गोरखपुर में डाक्टर वाकणकर जी ने की थी।  भीम बेटका की खोज करने वाले डाक्टर वाकणकर ने विलुप्त सरस्वती नदी की खोज भी की थी इसके लिए भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित भी किया था। तहसील संघ चालक बी एम सहगल ने भी अपने विचार व्यक्त किये । इस मौके पर वी डी त्रिपाठी, संतोष प्रजापति, अमित सल्लाम, वी आर वाघमोडे, श्याम महसकी, संजय दीक्षित,  यश कुशवाह, एल आर धोटे, पवन मेहरा, कल्पना सोनी, सोहन लाल कहार,  सतीश कुमार, मनीष चौहान, मुकेश सोनी, पुरषोत्तम वर्मा सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।

More From Author

+ There are no comments

Add yours