भाजपा के सामने 4 वार्डो में जीत का खाता खोलने की चुनौती

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आमला। विधानसभा आमला भाजपा के गढ़ बन गया है। भाजपा लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतने के साथ साथ 1996 के लगातार लोकसभा चुनाव में आमला विधानसभा से अच्छी लीड ले रही है। 2014 नपा चुनाव में भाजपा की नपा अध्यक्ष निर्वाचित हुई थी। लेकिन आमला नगरीय क्षेत्र के 18 वार्डो में 4 वार्ड ऐसे से जहा भाजपा जीत का खाता नहीं खोल सकी है। छत्रसाल वार्ड 5 में 1994 से 2014 से पांच पर पार्षद चुनाव संपन्न हुए। इसमें 4 बार कांग्रेस और एक बार निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव जीता। कांग्रेस से एक बार मीना सोनी, कांग्रेस से दो बार और एक बार निर्दलीय शब्बीर शाह पार्षद चुने गए। पिछले चुनाव में शब्बीर शाह की पत्नी नरगिस शाह कांग्रेस से पार्षद निर्वाचित हुई थी ।

भाजपा बदलती रही हर चुनाव में उम्मीदवार

भाजपा यहां हर बार उम्मीदवार बदलती रही है। इस बार भाजपा ने पत्रकार पंडित राकेश शर्मा पर दांव खेला है। उनका सीधा मुकाबला कांग्रेस के दिग्गज उम्मीदवार शब्बीर शाह से है। भाजपा के सामने कांग्रेस का मजबूत गढ़ भेदने की चुनौती है। पड़ोसी वार्ड 6 में पिछले पार्षद चुनाव में भाजपा जीत के नजदीक पहुंची लेकिन टॉस में चुनाव हार गई। 2014 के चुनाव में भाजपा की निर्मला रामदास पवार और कांग्रेस की सुल्ताना बानो को बराबर मत मिले थे। लेकिन विजेता के लिए हुए टॉस में भाजपा उम्मीदवार की किस्मत दगा दे गई। इस तरह भाजपा का खाता खुलते खुलते रह गया। वार्ड से सुखदेव नारे दो बार निर्दलीय, सुल्ताना बानो एक बार निर्दलीय और एक बार कांग्रेस से पार्षद बनी। निर्दलीय मो शफी भी पार्षद रहे है। भाजपा ने इस बार सुखदेव नारे की बहू सुधा लखनलाल नारे और कांग्रेस ने मो शफी की बहू शबाना मो सलीम को उम्मीदवार बनाया है। वार्ड से निर्दलीय संध्या मनोज प्रजापति भी दमदारी से चुनाव में है। वार्ड 9 कांग्रेस और निर्दलियों का गढ़ रहा है । इस वार्ड से भाजपा ने अपना खाता खोलने के लिए रीना मनोज कश्यप को उम्मीदवार बनाया है। उनका मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व पार्षद विजय अतुलकर की बेटी खुशबू अतुलकर से है। निर्दलीय परवीन खान भी चुनाव मैदान है। वार्ड के पिछड़े क्षेत्र बल्लाचाल बढ़ाई चाल में निर्माणाधीन विकास कार्य से भाजपा को फायदा मिलने की उम्मीद है।

यहां होगा कांग्रेस-भाजपा में कड़ा मुकाबला

इस वार्ड में विजय अतुलकर का जनाधार होने और मुस्लिम मतदाताओं के होने से कांग्रेस- भाजपा में कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है। वार्ड से कांग्रेस के बल्लू गुरुजी उनके निधन के बाद उपचुनाव में कांग्रेस से रमेश प्रजापति, निर्दलीय किरण यादव सपा से लीलाबाई, निर्दलीय विजय अतुलकर, कांग्रेस से सुषमा राहुल धेडे पार्षद रही है। वार्ड 10 से भी भाजपा को जीत का इंतजार है। वार्ड में निर्दलीय, कांग्रेस और सपा के उम्मीदवार चुनाव जीतकर पार्षद बने है। इस बार भाजपा की निर्मला हरी खातरकर उम्मीदवार है। जो कांग्रेस उम्मीदवार सीमा अतुलकर और निर्दलीय काशीबाई शेषकर से त्रिकोणीय मुकाबले में है। पिछले चुनाव में कांग्रेस के शेलेंद्र खातरकर निर्दलीय से नजदीकी मुकाबले में जीते थे।वार्डसे कांग्रेस के पूर्व नपा अध्यक्ष सतीश नरवरे, निर्दलीय रामु सोनेकर, सपा से अहिल्या बाई खवसे और काशीबाई शेषकर पार्षद चुनी गई थी।

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