पुस्तक बे तूल पत्रकारिता का विमोचन बसंत पंचमी एवं राजा भोज जयंती के शुभ अवसर पर

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  • जिला मुख्यालय के मीडिया सेंटर मैं वरिष्ठ पत्रकार राम किशोर की माता श्रीमती कसियाबाई दयाराम पवार के उपस्थिति में संपन्न
  • जिले के वरिष्ठ पत्रकारों एवं वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर के सेवानिवृत्त शिक्षकों के मौजूदगी में
  • पत्रकारिता के क्षेत्र में वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पवार के योगदान की सभी ने तारीफ की

बैतूल। वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पवार की पुस्तक बे तूल पत्रकारिता का माँ, गुरूजनो और समकक्ष पत्रकार साथियों की उपस्थिति में हुआ विमोचन… बैतूल जिले मे बीते 40 वर्षो से सक्रिय एवं लगातार समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओ में छपते चले आ रहे रामकिशोर दयाराम पंवार रोंढावाला की पहली पुस्तक बे तूल पत्रकारिता का विमोचन बसंत पंचमी राजा भोज जयंती को जिला मुख्यालय के मीडिया सेंटर मे वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पवार की जन्म दात्री  माँ श्रीमति कसिया बाई दयाराम पंवार, साथ ही पत्रकारिता करने वाले जिले के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद त्रिपाठी, रवि त्रिपाठी, तथा रामकिशोर पंवार के सेवानिवृत शिक्षको ( गुरूजी) श्री उत्तम दीक्षित (ग्राम रोंढ़ा में), मुकुंद देश पाण्डे (पाथाखेड़ा में) की मौजूदगी में सम्पन्न हुआ…
बे तूल पुस्तिका विमोचन के शुभ अवसर पर जिले के वरिष्ठ पत्रकारों ने पत्रकारिता के क्षेत्र में रामकिशोर पंवार के योगदान की  तारीफ की… ऐसा पहली बार हुआ जब अपने छात्र की उपलब्धियों से गदगद शिक्षक पत्रकार वकील उत्तम दीक्षित ने मालाओ से श्री पंवार का स्वागत कर उन्हे गले से लगा कर वरिष्ठ पत्रकार रामकिशोर पवार की पीठ थपथपाई… श्री दीक्षित ने इस अवसर पर कहा कि मै तो भूल ही गया था कि मै शिक्षक भी था… लेकिन रामकिशोर पंवार ने जब मुझे बताया कि मैने उसे पढ़ाया है तब मुझे याद आया कि मैं मात्र एक साल के लिए ग्राम रोंढा मैं शिक्षक के रूप में कार्य कर चुका हूं… मैं जिस गांव में पढ़ाने पहुंचा था उसी गांव में 23 मई 1964 को जन्मे मेरे इस होनेहार छात्र रामकिशोर पंवार बीते चार दशक से जिले के सक्रिय पत्रकार लेखक, सत्यकथा लेखक एवं कहानीकार के रूप में पूरे देश में पहचाने जाते है… श्री पवार की अनेक सत्यकथाए और कहानियां पूरे देश में विभिन्न भाषाओं के समाचार पत्रो एवं पत्रिकाओं मे ंछपती चली आ रही है… मैंने भी रामकिशोर पंवार की तरह बेबाक पत्रकारिता की है… हम दोनो सच  लिखने के लिए ही पहचाने जाते हैं… हमने किसी को नहीं छोड़ा इसलिए आज भी जाने पहचाने जाते है… इसी अवसर श्री मुकुंद देशपाण्डे ने कहा कि मैने रामकिशोर पंवार का पाथाखेड़ा में उनकी भाषण कला का एक अच्छा दौर देखा है… छात्र जीवन में अनेक कार्यक्रमो एवं नाटको में बतौर वक्ता के रूप में रामकिशोर पंवार की कोशिश आज उसे इस मुकाम पर लाई है…श्री देशपाण्डे ने आगे कहा कि अच्छा वक्ता , अच्छा लेखक बनता है यह मेरे पढाये छात्र रामकिशोर पंवार ने लोगो को बता दिया… इस अवसर पर श्री पंवार के समकालिन वरिष्ठ पत्रकार अरविंद त्रिपाठी और रवि त्रिपाठी ने भी बीते दशक 80 के दौर की वर्ष पत्रकारिता को याद किया… कार्यक्रम में मौजूद जिले के प्रबुद्ध विचाकर प्रतिध्वनि के सचिव, श्री वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि मैने भाई रामकिशोर पंवार की एक पत्रकार वार्ता जो स्वर्गीय राज नारायण के संग हुई थी वह देखी है… तीखे और सटीक सवालो को पुछने के कारण ही रामकिशोर पंवार की अलग पहचान बनी है… कार्यक्रम में शिवपाल सिंह ठाकुर (भारत सरकार के सेवानिवृत जिला समन्वयक नेहरू युवक केन्द्र बैतूल ), कवि, साहित्कार गोण्डी गायक रामचरण यादव, दिवंगत पत्रकार पृथ्वी आजाद सिंह पाली के सुपुत्र अप्रवासी भारती श्री रोमी आहुलीवालिया,  इस अवसर पर प्रिया आर्टस गुप्र के संचालक मनोज तिवारी ने श्री पंवार का उनका रेखाचित्र भेट किया, वहीं मुलताई के जगदीश चन्द्र पंवार ने शाल श्री फल से श्री पंवार का सम्मानित किया…  जिले में चाचा के नाम से प्रसिद्ध युवराज सिंह गौर ने भी श्री पंवार का सम्मान किया… कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग उपस्थित थे… जैसे कि डाँ जाकीर शेख दैनिक नर्मदा की पुकार समाचार पत्र एवं यूट्यूब चैनल के मध्य प्रदेश एवं महाराष्ट्र के कार्यकारी संपादक और सप्ताहिक शब्द पावर समाचार पत्र एवं वेब यूट्यूब चैनल सहायक संपादक मध्य प्रदेश साथ ही प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स के प्रदेश महासचिव, श्री राधेश्याम मालवीय घोडाडोंगरी, श्री जग्गू बांरगे रोढ़ा, प्रदीप डिगरसे रोंढ़ा, बैतूल जिले के प्रमुख समाजसेवी एवं नामचीन अधिवक्ता तथा पत्रकार श्री संजय शुक्ला, सुनील पलेरिया, आनंद कुमार सोनी, राजेश भाटिया, मनोज देशमुख, नंदकिशोर पंवार, सतेन्द्र सिंह परिहार अमीत पंवार, राजू  घोटे, सूर्यकांत सोनी, नीतिनअग्रवाल,  हेमंत पगारिया, संतोष भलावी, प्रेस फोटोग्राफर एवं कालोनाइजर, अनिल खवसे, प्रेस फोटोग्राफर तरूण सोनी, उपस्थित रहे…कार्यक्रम का संचालन श्री जगदीश चन्द्र पंवार एवं आभार प्रदर्शन श्री रूपेश हजारे ताप्ती हलचल के विज्ञापन प्रमुख एवं रिर्पोटर द्वारा व्यक्त किया गया…बे तूल पत्रकारिता में….उल्लेखनीय है कि 2004 से जिला मुख्यालय पर दिल्ली से प्रकाशित हिन्दी दैनिक समाचार पत्र पंजाब केसरी के बैतूल ब्यूरो रहे रामकिशोर पंवार के द्वारा भोपाल से हिन्दी साप्ताहिक समाचार पत्र ताप्ती हलचल का प्रकाशन किया जा रहा है… बैतूल जिले की पत्रकारिता पर उनकी पहली किताब प्रकाशित हुई है… श्री पंवार की तीन अन्य किताबे नदियों का ननिहाल, बेतूल और मेरी जन्मभूमि प्रिंट हो रही है… बेतूल जिले की पत्रकारिता को करीब से जानने वाले रामकिशोर  पवार की इस किताब में जिले की पत्रकारिता से जुड़े लोगो की जानकारी एवं कई बीती घटनाओ का भी उल्लेख पढऩे को मिलेगा… श्री पंवार की इस किताब में बेतूल जिले में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के गुजरने से लेकर महात्मा गांधी के आने तक की घटनाओ की जानकारी पढऩे एवं देखने को मिलेगी… बेतूल जिले की जानकारी और जिले का पर्यटक एवं इतिहासिक मानचित्र को भी जानने का मौका इस किताब में मिलेगा… श्री पंवार ने जिले की पत्रकारिता में आए बदलावो एवं घटनाक्रमो को भी शामिल किया है।

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