पीएम मोदी ने लॉकडाउन के लिए मांगी माफी, तो बॉलीवुड एक्ट्रेस का यूं आया जवाब

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नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज अपने रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के जरिए देश को संबोधित किया. अपने संबोधन में उन्होंने लॉकडाउन के लिए जनता से माफी मांगी. उन्होंने कहा: “सबसे पहले मैं देशवासियों से क्षमा मांगता हूं. मुझे विश्वास है कि आप मुझे जरूर क्षमा करेंगे. कुछ ऐसे फैसले लेने पड़े हैं, जिसकी वजह से आपको परेशानी हुई है. गरीब भाई-बहनों से क्षमा मांगता हूं. आपकी परेशानी समझता हूं लेकिन 130 करोड़ देशवासियों को बचाने के लिए इसके सिवा और कोई रास्ता नहीं था, इसलिए ये कठोर कदम उठाना आवश्यक था.” पीएम नरेंद्र मोदी के इस संबोधन पर बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा ने ट्वीट किया है.

बॉलीवुड एक्ट्रेस ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) ने अपने ट्वीट में लिखा: “सर, कृपया राज्य सरकारों को निर्देश दें कि या तो प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने की व्यवस्था करें, या जहां वे हैं उनकी देखभाल की जाए. हमारी अर्थव्यवस्था और समाज की सबसे बड़ी कड़ी हैं ये मजदूर, जो मुश्किल में हैं. यह दुखद होगा यदि यह बीमारी हमारे गांवों में फैलती है.”  ऋचा चड्ढा ने इस तरह पीएम मोदी से यह अपील की है. ऋचा चड्ढा सोशल मीडिया पर खासी एक्टिव रहती हैं और हर समसामयिक मुद्दे पर अपनी राय पेश करती हैं.

बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में आगे कहा: “दुनिया की हालत देखने के बाद लगा था कि यही एक रास्ता बचा है. कोरोनावायरस ने दुनिया को कैद कर दिया है. ये हर किसी को चुनौती दे रहा है. ये वायरस इंसान को मारने की जिद उठाए हुए है. सभी लोगों को, मानव जाति को एकजुट होकर इस वायरस को खत्म करने का संकल्प लेना ही होगा. ये लॉकडाउन आपके खुद के बचने के लिए है. आपको खुद को और अपने परिवार को बचाना है. आपको लक्ष्मण रेखा का पालन करना ही है. कोई कानून, कोई नियम नहीं तोड़ना चाहता लेकिन कुछ लोग अभी भी ऐसा कर रहे हैं, वो परिस्थितियों की गंभीरता को नहीं समझ रहे हैं.”

पीएम मोदी ने आगे कहा: “जरा सोचिये की आप लॉकडाउन के समय भी जो टीवी देख पा रहे हैं, घर में रहते हए जिस फोन और इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन सब को सुचारू रखने के लिए कोई न कोई अपनी जिंदगी खपा रहा है. आपने देखा होगा, बैंकिंग सेवाओं को सरकार ने चालू रखा है और बैंकिंग क्षेत्र के हमारे लोग पूरे लगन से, आपकी सेवा में मौजूद हैं. आज के समय, ये सेवा छोटी नहीं है. उन बैंक के लोगों का भी हम जितना धन्यवाद करें, उतना कम है. साथियों, मुझे कुछ ऐसी घटनाओं का पता चला है जिनमें कोरोना वायरस के संदिग्ध या फिर जिन्हें होम क्वारंटाइन में रहने को कहा गया है, उनके साथ कुछ लोग बुरा बर्ताव कर रहे हैं. ऐसी बातें सुनकर मुझे अत्यंत पीड़ा हुई है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसे लोग कोई अपराधी नहीं हैं बल्कि वायरस के संभावित पीड़ित भर हैं. इन लोगों ने दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए खुद को अलग किया है और क्वारंटाइन में रह रहे हैं. कई जगह पर लोगों ने अपनी जिम्मेदारियों को गंभीरता से लिया है.”

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