“गैंगस्टर से धक्का-मुक्की में सुरक्षाकर्मी की घड़ी टूट गई थी, वह मुझसे उलझा तो मैंने दो चांटे लगा दिए”

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  • कानपुर के बिकरु गांव में 2 जुलाई को विकास और उसकी गैंग ने 8 पुलिसवालों की हत्या कर दी थी
  • विकास पर 5 लाख का इनाम था, अब तक विकास के 5 साथी मारे गए, 13 से ज्यादा लोग गिरफ्तार हुए

उज्जैन. उत्तर प्रदेश के कानपुर में 8 पुलिसवालों की हत्या के बाद फरार विकास दुबे गुरुवार को नाटकीय ढंग से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। गुरुवार सुबह उज्जैन पुलिस ने उसे महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया। विकास को पकड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले महाकाल चौकी में पदस्थ विजय सिंह राठौर ने पूरी कहानी बयां करते हुए बताया कि विकास ने भागने की कोशिश की थी। उसके द्वारा धक्का-मुक्की में सुरक्षाकर्मी की घड़ी टूट गई थी। उसने वहीं मेरे साथ किया तो मैंने उसे दो चांटे जड़ दिए थे।

महाकाल चौकी में पदस्थ विजय सिंह राठौर सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे।

महाकाल चौकी में पदस्थ विजय सिंह राठौर ने बताया कि मेरी ड्यूटी वीआईपी गेट पर थी। सुरक्षाकर्मी से पता चला कि विकास दुबे जैसा एक व्यक्ति मंदिर में दर्शन के लिए आया है। इस पर हमने उसे तलाशा, लेकिन वह नहीं मिला। इस पर हम उल्टे रास्ते से एक्जिट गेट की ओर गए। यहां पर वह व्यक्ति नीचे उतरते हुए दिखाई दिया। हमने उससे नाम पूछा और आईडी दिखाने को कहा। उसने आईडी जो दिखाई वह किसी और नाम से थी। उससे उम्र भी गलत बताई।

विजय सिंह राठौर ने विकास को दो चांटे जड़ दिए।

हाथापाई की तो दाे चांटे लगाए

राठौर ने कहा कि हमने उसे कई प्लेटफार्म पर देखा था, इसलिए हम पक्का थे कि यह विकास दुबे ही है। हमें पता था कि वह थोड़ा लंगडाकर चलता है। उसके सिर में उल्टे हाथ पर कट का निशान है। हमने फोटो खींचकर अधिकारियों को भेजा। उन्होंने कहा उसे जाने मत देना। इसके बाद हमने उसे रोका तो वह भागने लगा। धक्का-मुक्की भी की। धक्का-मुक्की में सुरक्षाकर्मी की घड़ी टूट गई। मेरे साथ भी हाथापाई करने लगा तो मैंने दो चांटे लगा दिए।

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