कोल हैंडलिंग प्लांट से जलाशय में बहे ऑयल के मामले में जबलपुर मुख्यालय से उच्चाधिकारी पहुंचे सारनी

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सारनी। सतपुड़ा पावर प्लांट प्रबंधन द्वारा कोल हैंडलिंग प्लांट से 3 अगस्त की रात ऑयल टैंक अनलोड करते समय बहे ऑयल का मामला अब अधिकारियों के गले की फांस बन चुका हैं। इस मामले की शिकायत के बाद से ही पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कि भोपाल, बैतूल, छिंदवाड़ा टीम सतपुड़ा पावर प्लांट पहुंचकर इस मामले की जांच में जुटी हुई है। शुक्रवार को छिंदवाड़ा कि 3 सदस्य टीम ने सतपुड़ा पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट पहुँचकर जांच की थी। इसके बाद शनिवार को मुख्यालय जबलपुर से ईडी सिविल और डायरेक्टर टेक्निकल निरीक्षण करने इस मामले में सारनी पहुंचे। प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार को निरीक्षण करने जबलपुर मुख्यालय से आए ईडी सिविल श्री शिल्पकार एवं टेक्निकल डायरेक्टर एके टेलर ने सुबह से ही सतपुड़ा पावर प्लांट के उक्त विभाग के अधिकारियों की साथ कोल हैंडलिंग प्लांट एवं सतपुड़ा जलाशय का निरीक्षण किया। बताया जाता है कि इससे पहले जबलपुर मुख्यालय से आए दोनों उच्च अधिकारियों ने सभी अधिकारियों की बैठक भी ली। जबकि इस मामले में हुई लापरवाही को देखते शुक्रवार को प्लांट असिस्टेंट एवं अस्सिटेंट इंजीनियर को निलंबित भी किया गया है। गौरतलब हो कि सतपुड़ा पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट से 3 अगस्त की रात्रि बहे ऑयल की वजह से विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों पर भी असर पड़ रहा है जो कि अपनी जिंदगी और मौत के बीच जूझने के लिए मजबूर हैं। जबकि यह पहला मामला नहीं है जिसमें सतपुड़ा पावर प्लांट प्रबंधन द्वारा लापरवाही बरती गई हो इससे पहले से ही सतपुड़ा जलाशय में वाटर हाईसिंथ एवं साल्विनिया मॉलेस्टा के प्रकोप में हैं। जिसकी शिकायत एनजीटी सहित कई विभागों में पीपल फॉर एनिमल यूनिट के अध्यक्ष आदिल खान द्वारा की गई है। जबकि आदिल द्वारा सतपुड़ा पावर प्लांट प्रबंधन के कोल हैंडलिंग प्लांट से ऑयल बहाने की शिकायत भी जीव जंतुओं के जीवन पर पड़ने वाले असर को देखते हुए पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को की गई हैं।

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