- जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की संयुक्त बैठक में उर्वरक उपलब्धता, सिंचाई परियोजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा
बैतूल। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों की संयुक्त बैठक में जिले में संचालित विभिन्न विकास कार्यों, कृषि योजनाओं तथा उर्वरक वितरण व्यवस्था की समीक्षा की गई। बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री श्री दुर्गादास उईके, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खंडेलवाल, विधायक भैंसदेही श्री महेंद्र सिंह चौहान, विधायक मुलताई श्री चंद्रशेखर देशमुख, विधायक आमला डॉ योगेश पंडाग्रे, जिला विकास सलाहकार समिति सदस्य श्री सुधाकर पवार, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे, पुलिस अधीक्षक श्री वीरेंद्र जैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में खरीफ सीजन 2026 के लिए खाद की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था, नगरीय विकास कार्यों तथा विभिन्न समूह सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। जनप्रतिनिधियों ने मेढ़ा एवं गढ़ा समूह सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधाओं का लाभ मिल सके। बैठक में जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुकरु को प्रदेश के सबसे बड़े पर्यटन केंद्रों में विकसित करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही विभिन्न विकास कार्यों में आ रही बाधाओं का त्वरित निराकरण कर समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
ई-विकास प्रणाली से बढ़ी खाद वितरण की पहुंच
बैठक में उप संचालक कृषि ने बताया कि खरीफ 2026 में ई-विकास प्रणाली (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) के माध्यम से जिले के विभिन्न श्रेणी के किसानों को खाद उपलब्ध कराया जाएगा। इसके तहत वन अधिकार पट्टाधारी, पट्टा आवंटन की प्रक्रिया में शामिल किसान, चोपना क्षेत्र के विस्थापित परिवार, सिकमी किसान, धार्मिक ट्रस्ट, कृषि फार्म, कृषि विज्ञान केंद्र, विश्वविद्यालयों से जुड़े कृषक तथा मृत अथवा अक्षम किसानों के परिवार, जिनकी फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे भी निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे। कृषि विभाग ने बताया कि ऐसे सभी किसानों द्वारा ई-विकास पोर्टल पर आवेदन अपलोड किए जा चुके हैं या किए जा सकते हैं। आवेदन के अनुमोदन के लिए संबंधित किसान अपने क्षेत्र के पटवारी, कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व निरीक्षक एवं तहसीलदार से संपर्क कर आवेदन का सत्यापन एवं अनुशंसा सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें समय पर ई-टोकन जारी हो सके और वे आसानी से खाद प्राप्त कर सकें।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि उर्वरक प्राप्त करने के लिए टोकन जनरेट करते समय यथासंभव एक ही खुदरा विक्रेता का चयन करें। नवीन व्यवस्था के अनुसार उर्वरक उठाव में 60 प्रतिशत फॉस्फेटिक उर्वरक का उठाव अनिवार्य किया गया है। इसलिए टोकन जनरेट करते समय किसान अपनी आवश्यकता एवं आर्थिक स्थिति के अनुसार उर्वरक का चयन सावधानीपूर्वक करें। विभाग ने स्पष्ट किया कि वर्तमान पोर्टल में एक बार जनरेट किए गए टोकन की मात्रा में कमी करने का प्रावधान उपलब्ध नहीं है। किसान टोकन जारी करने से पहले आवश्यक मात्रा का सही आकलन अवश्य कर लें।
जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद
बैठक में किसानों को आश्वस्त किया गया कि जिले में वर्तमान में उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है तथा शासन द्वारा आवश्यकता के अनुरूप लगातार उर्वरकों की आपूर्ति की जा रही है। किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और सभी पात्र किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद उपलब्ध कराया जाएगा।
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