सारनी। मध्यप्रदेश पावर जनरेटिग कंपनी लिमिटेड जबलपुर मुख्यालय स्थित मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन को पत्र मेल द्वारा भेज कर अर्जित अवकाश नगदीकरण की मांग लगभग 3 माह से की जा रही है । लेकिन जनरेटिग कंपनी ने अपने कार्मिकों के लिए अर्जित अवकाश नगदी करण के आदेश अभी तक जारी नहीं किये हैं । वर्तमान मे कार्मिको के लिए अर्जित अवकाश संचयन सीमा 240 दिन से बढ़ा कर 300 दिन जुलाई 2018 से प्रभावी है। वर्तमान में कार्मिको को सेवा निवृत्ती पर या आकस्मिक निधन पर 240 दिन के नगदीकरण की सुविधा उपलब्ध है। विधुत मंडल कर्मचारी यूनियन के रीजनल जनरल सेक्रेटरी अंबादास सूने ने बताया कि मध्यप्रदेश शासन ने अवकाश नियम 1977 में संशोधन किया है । मध्यप्रदेश शासन के वित्त विभाग ने अधिसूचना जारी कर अपने कार्मिकों के लिए संचयन सीमा 240 दिनो से बढ़ा कर 300 दिन के आदेश जारी 2 वर्ष पूर्व किये थे । मध्यप्रदेश पावर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के साथ ही मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल ओर अन्य विद्युत कंपनियों ने भी अपने कार्मिकों के लिए संचयन सीमा बढ़ाई है। संचयन सीमा के साथ ही 300 दिनो के अवकाश नगदी करण के आदेश लगभग 3 माह पहले जारी कर दिए हैं। विद्युत मंडल कर्मचारी यूनियन के अमित सल्लाम, जितेन्द्र वर्मा, संदीप आरसे कहा की अन्य कंपनियों की तरह मध्यप्रदेश पावर जनरेटिग कंपनी लिमिटेड भी नगदी करण के आदेश शीघ्र जारी करे। इस संबंध में यूनियन ने प्रबंध निदेशक को भी पत्र भेजा है।
अर्जित अवकाश नगदीकरण के आदेश जारी करने के लिये तीसरा पत्र लिखा
Posted on by Vishal
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