- अब अवैध रूप से बन रहे स्टापडेम पर कार्यवाही की दरकार
घोड़ाडोंगरी। ग्राम पंचायत घोड़ाडोंगरी में कचरा गाड़ी के विवाद का मामला ठंडा होने का नाम नही ले रहा है। घोड़ाडोंगरी ग्राम पंचायत पर कोरोना काल मे चली कचरा गाड़ी का बिल 2 लाख रुपए के निकाले जाने की खबर है खबर के बीच जब कचरा गाड़ी के नाम पर लोहे सीमेंट की दुकान का बिल लगा कर 2 लाख रूपये निकाल लिए गए है। इस पूरे मामले के सामने आने पर पिछले दिनों पत्रकारो ने प्रमुखता से छापा था खबर के बाद जांच पड़ताल में जब कचरा गाड़ी के नाम पर फर्जी बिल लगाए जाने की बात सामने आई तो इस पूरे मामले में लिप्त तत्कालीन पंचायतो के कर्मचारी और सरपँच में हडकम्प मच गया और इस पूरे मामले की गम्भीरता को समझते हुए नगर पंचायत के सीएमओ अक्षत बुन्देला ने सख्त कार्यवाही करते हुए तत्कालीन सचिव को नोटिस जारी कर पूरे मामले की जानकारी मांगी है साथ ही भारी गोलमाल होने पर कठोर कार्यवाही करने की बात कही है। सीएमओ बुंदेला के सख्त रुख को देखकर अब तत्कालीन ग्राम पँचायत के ठेकेदार और सरपँच पति द्वारा झिलपा नदी पर 9 लाख रुपये की लागत से स्टापडेम बनाने में लग गए जबकि सीएमओ बुंदेला ने वित्तिय अधिकार पर रोक लगाने का आदेश दे दिए थे लेकिन जिस तरीके से ठेकेदार द्वारा स्वीकृत हुए बिना स्टापडेम का काम धड़ल्ले से किया जा रहा है उससे यही प्रतीत हो रहा है कि अभी भी पँचायत के समय के ठेकेदार पूर्ण रूप से शासन को पलीता लगाने में सक्रिय है। स्टापडेम निर्माण के मामले में सबसे बड़ी बात ये है कि इस स्टापडेम निर्माण की जानकारी ना तो नगर पंचायत के सीएमओ को है और ना ही जनपद सीईओ और इंजीनियर को जबकि निर्माण कार्य निरन्तर जारी है इस तरह यदि शासकीय भूमि पर बिना अनुमति,और स्वीकृति के यदि स्टापडेम बन रहा है तो कल को यदि वहाँ कोई दुर्घटना या जनहानि होती है तो इसकी जिम्मेदारी किसके ऊपर होंगी।अब इस ओर मामले को लेकर ग्राम के तत्कालीन उपसरपंच नितेश भुजवरे एक तरफ इसकी उच्च स्तरीय शिकायत की बात कर रहे है और निर्माण कार्य को बंद करवाने की मांग सीएमओ श्री अक्षत बुन्देला से की है।
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