ग्राम सभा में शासकीय भूमि पर कब्जा संबंधित दावे को किया अमान्य

Estimated read time 0 min read

भैंसदेही। भैंसदेही तहसील क्षेत्र के ग्राम रामघाटी में शासकीय रिक्त भूमि पर कब्जा संबंधित दावे को अमान्य घोषित कर दिया गया है। ग्राम सभा की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया। मिली जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रामघाटी के ग्राम ढोंडी हनुमानढाना में शासकीय भूमि छोटे झाड़ का जंगल खसरा नम्बर 71/1 रकबा 4.0 हेक्टेयर एवं 71/1 रकबा 2.0 हेक्टेयर पर कब्जा होने के सम्बन्ध में आवेदन प्रस्तुत किया गया था। इस मामले में युवा आदिवासी विकास संगठन व समस्त ग्रामवासियों ने प्रस्ताव बना कर आपत्ति दर्ज की थी। इस मामले का निराकरण करने के लिए युवा आदिवासी विकास संगठन ब्लॉक भैसदेही एवं समस्त ग्रामवासियों ने ग्राम सभा की बैठक कर विभिन्न तथ्यों के आधार पर सर्व समिति से निर्णय लिया कि उक्त शासकीय भूमि पर आवेदकों का किसी प्रकार का कोई कब्जा नहीं है एवं भूमि रिक्त है। गौरतलब है कि आवेदक शिवकुमार ठाकुर पिता तेजबहादुरसिंग ठाकुर जाति ठाकुर वार्ड क्रमांक 3 निवासी पोखरनी भैसदेही एवं आवेदक महेश नारायण पिता पंढरीनाथ जाति कुन्बी निवासी सावलमेंढा ने शासकीय भूमि ग्राम पंचायत रामघाटी के ग्राम ढोंडी हनुमानढाना खसरा नम्बर 71/1 में रकबा क्रमश: 4.0 हेक्टेयर एवं 2.0 हेक्टेयर पर कब्जा होना बताया था। आवेदकों ने उक्त भूमि के शासकीय पट्टा प्रदाय करने संबंधित आवेदन प्रस्तुत किया था। लेकिन तथ्यों के आधार पर कब्जा सम्बंधित दावा को अमान्य किया गया। ग्राम सभा में युवा आदिवासी विकास संगठन ब्लॉक अध्यक्ष तिरू नंदू आहके, ब्लॉक कार्यवाहक अध्यक्ष तिरू नंदू उईके, ब्लॉक सचिव बबलू धुवे?, सदस्य तिरू रामकिशन उईके, इमरत चिचाम, महादेव आहके,भगत चिचाम, मनीष उईके, निरूलाल उईके, ओमप्रकाश वटटी, विजय उईके, अनिल उईके एवं ग्रामवासीगण मुलचंद उईके (ग्राम पटेल), समोति परतें (ग्राम प्रधान), बाजीलाल (कोटवार), लालसा आहके, मलुकचंद उईके, मतन वाडिवा, दिवांजी उईके, राधे वाडिवा, अनकराम उईके, गोरख उईके, बाबूलाल आहके, दलक उईके, मन्नुलाल वाडिवा, नंदलाल उईके, फगन आहके, जैयनलाल उईके, संजू दादडे, कजूलाल धुवे?, रूपसा धुवे?, सोहन उईके, कलीराम आहके, शेषराव परतें, जीवन उईके, चन्दर चिचाम, गोर्री परते, सुखराम चिचाम, अमरलाल धुवे?, दिनेश उईके, पतिराम आहके, जिन्दूलाल धुवे?, नगजी धुवे?, जंगू उईके उपस्थित थे।

More From Author

+ There are no comments

Add yours