- जेएच कॉलेज हो मिनी यूनिवर्सिटी
आमला। जब से बैतुल जिले के महाविद्यालय को बीयू से हटा नई यूनिवर्सिटी बनी छिंदवाड़ा में जोड़ा गया उसके बाद से ही नाराजगी की सुगभुगहाट शुरु हो गयी थी। कांग्रेस के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने छेत्र छिंदवाड़ा में यूनिवर्सिटी खोली जिसमे बैतुल जिले को भी शामिल किया गया। जिसके बाद सत्ता के जाते ही, भाजपा नेताओं ने छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी से बैतुल को हटाने के लिए उनके बयान भी समय-समय पर सामने आये अब छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने भी मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंप एबीवीपी की विभाग छात्रा प्रमुख मुक्ता ढोलेकर ने बताया कि जब से छिंदवाड़ा यूनिवर्सिटी से जोड़ा तब से छात्रो को लूटा जा जा रहा है,महंगी फीस बीयू की अपेक्षा छिन्दवाड़ा यूनिवर्सिटी के द्वारा ली जा रही जबकि बैतुल जिला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के अंतर्गत आता है जहाँ गरीब तबके के लोग निवास करते है,और छिन्दवाड़ा यूनिवर्सिटी की महंगी फीस अब छात्रो का सर दर्द बन गयी और पलको की जेब पर अतिरिक्त बोझ बन रहा है।विद्यार्थी परिषद की छात्रा प्रियंका चंदेल ने बताया ने छात्रो के साथ भेदभाव होने के आरोप भी लगाए है।वही उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा जाने के लिए ट्रेन का साधन 1 मात्र साधन है जो कि पर्याप्त नही है।
जेएच बने मिनी यूनिवर्सिटी: ढोलेकर
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की छात्रा नेत्री मुक्ता ढोलेकर ने मांग की है की बैतुल के जे.एच. महाविद्यालय को बीयू से जोड़ उसे मिनी यूनिवर्सिटी बनाना चाहिए ताकि जो काम के लिए छात्रो को जिले से बाहर जाना पड़ता है,जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आने जाने में पैसे भी खर्च होते है और एक बार मे काम नही हुआ तो यूनिवर्सिटी के चक्कर ही काटने में समय के साथ अधिक खर्च वहन करना पड़ता है।वही अगर शासन जे.एच कॉलेज को यूनिवर्सिटी बनाता है,तो जिले के हजारो विद्यार्थी को बाहर ना जाना पड़ेगा ना भटकना होगा, अपने ही जिले में शिक्षा से जुड़े कार्य करवा सकेंगे जिससे बहुत हद तक छात्र छात्राओं को राहत मिलेगी ।ज्ञापन सौंपने वालो में मुख्य रूप से विभाग छात्रा प्रमुख मुक्ता ढोलेकर, नगर अध्यक्ष छोटेलाल बामने,नगर मंत्री श्रेयश वानखेड़े, छात्रा प्रियंका चंदेल, मोनिका मालवीय, शमा ठाकुर, विकास राठौर, अंकित राठौर, उमेश मालवीय आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे ।
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