सारनी। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप वेकोलि प्रबंधन पर इंटक के रीजनल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने लगाया। इंटक के रीजनल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने बताया कि उन्हें सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मिली की सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस केएम जोसेफ ने 10 जनवरी 2020 को आदेश जारी किया था। इस आदेश में इंटक विवाद को दिल्ली उच्च न्यायालय में लंबित सिविल सूर क्रमांक सीएस (ओएस) 384/2019 में निर्णय होना हैं। जिसमें माननीय न्यायालय का अंतिम निर्णय आने तक इंटर के सभी गुट का प्रतिनिधित्व प्रतिबंधित रहेगा, जैसा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के 4 जनवरी 2017 के आदेशों में वर्णित है। किंतु सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन न करते हुए वेकोलि पाथाखेडा क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक राजेश व्ही नायर ने इंटक के गुट को प्रतिनिधित्व देने से संबंधित पत्र 30 मई 2020 एवं 1 जून 2020 को अपने हस्ताक्षर से जारी कर दिया। जिसमें उन्हें सूचना के अधिकार से मिली जानकारी पर राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर संघ इंटक के रीजनल सेक्रेटरी राजेश सिन्हा ने डब्ल्यूसीएल सीएमडी को उक्त विषय में कार्रवाई के लिए पत्र लिखा। गौरतलब हो कि इंटक का विवाद 3 गुटों में चल रहा हैं, जिसमें ददई दुबे गुट, केके तिवारी गुट, रेड्डी गुट शामिल हैं। इस मामले में श्रम कार्यालय ने 4 जनवरी 2017 को तीनों गुटों के प्रतिनिधित्व प्रतिबंधित किया हैं, जिसको लेकर बॉम्बे हाइकोर्ट, जबलपुर हाइकोर्ट एवं दिल्ली हाइकोर्ट में मामले चलते रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन कर वेकोलि प्रबंधन
Posted on by Vishal
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