मुख्यमंत्री की दूसरी रिपोर्ट भी पॉजिटिव, संक्रमितों और मौतों की रफ्तार से टेंशन में सरकार, स्वास्थ्य विभाग ने कहा- अगले 15 दिन में क्या होगा, यह अनुमान नहीं लगा सकते

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  • रविवार देर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की एक और रिपोर्ट पॉजिटिव आई, इससे पहले मुख्यमंत्री ने अपने स्वस्थ्य होने और सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने का ट्वीट किया था
  • रविवार को देर रात अमरवाड़ा के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्‌टी संक्रमण से मौत हो गई, मृतकों की संख्या अब 189 हो गई

भोपाल। मध्य प्रदेश में रविवार को 921 नए कोरोना संक्रमित मिले। वहीं, राजधानी में 8 मरीजों की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह बीते चार माह में एक दिन में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। इससे पहले 29 जुलाई को 917 केस आए थे। संक्रमितों और मौतों की वर्तमान रफ्तार ने सरकार की टेंशन बढ़ा दी है। रविवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि अगले 15 दिन में क्या होगा, यह अनुमान नहीं लगा सकते हैं। अगस्त में संक्रमण और बढ़ेगा, लेकिन यह किस स्तर तक जाएगा, कहना मुश्किल है। रविवार देर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की एक और रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके पहले मुख्यमंत्री ने अपने स्वस्थ होने और सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिलने का ट्वीट किया था। रविवार को देर रात अमरवाड़ा के पूर्व विधायक मनमोहन शाह बट्‌टी की संक्रमण से मौत हो गई। मृतकों की संख्या अब 189 हो गई है।

प्रदेश में संक्रमितों की कुल संख्या 33535 हो गई है। इनमें से कुल 23550 स्वस्थ हो गए। एक्टिव केस की संख्या 9099 तक पहुंच गई है। अब तक प्रदेश में इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 886 हो गई है। एक माह पहले एक्टिव केस तीन हजार से कम थे, आज तीन गुना से अधिक बढ़कर 9099 हो गए हैं। 2 अगस्त को 15721 सैंपल की जांच में 921 रिपोर्ट पॉजीटिव आई। जबकि 92 सैंपल रिजेक्ट भी किए गए। इस तरह कुल सैंपल जांच में से कोरोना संक्रमितों का प्रतिशत 5.9 रहा। यह प्रतिशत भी राज्य में एक समय दो से तीन प्रतिशत के बीच था। अब तक राज्य में 33535 कोरोना संक्रमित मिले हैं। आज भोपाल में सबसे अधिक 158 व्यक्ति संक्रमित मिले और इनकी संख्या बढ़कर 6627 हो गई। मौत के तीन नए मामले सामने आने के बाद इनकी संख्या 184 तक पहुंच गई है।

  • इंदौर में 107 नए संक्रमित मिलने के साथ कुल संख्या 7555 हो गई है। यहां तीन लोगों की मौत होने से मरने वालों की कुल संख्या 315 हो गई है। इंदौर में 71 व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं और इनकी संख्या 5147 हो गई है। अब इंदौर में 2093 एक्टिव केस हैं।
  • ग्वालियर में 129 नए मामलों के साथ कुल संक्रमित 2431 हो गए हैं। जबकि 13 लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी। यहां एक्टिव केस 635 हैं और 1783 व्यक्ति संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। जबलपुर जिले में 65 नए मामले आने के बाद कुल संक्रमितों की संख्या 1382 हो गई है और 29 लोग अभी तक जान गंवा चुके हैं। 884 व्यक्ति स्वस्थ हो चुके हैं और 469 का इलाज चल रहा है।

ये तस्वीर रायसेन की है। रक्षाबंधन पर आवागमन के साधन बंद होने से भाई अपनी बहन और भांजे-भांजियों को इस तरह लेकर आ-जा रहे हैं।

धूमधाम से मनाया जा रहा त्योहार
इधर, पूरे प्रदेश में रक्षाबंधन धूमधाम से मनाया जा रहा है। परिवहन सुविधा बंद होने के कारण लोग अपने-अपने वाहनों से बहनों को लेने आ जा रहे हैं। लेकिन, बहनों को लाने की जो तस्वीरे सामने आईं हैं, उससे संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। एक वाहन पर चार से पांच लोग बिना मास्क के नजर आ रहे हैं। प्रदेश के अधिकांश ग्रामीण इलाकों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं। ऐसे हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रक्षाबंधन पर बाहर से आनेवाले लोगों की स्क्रीनिंग की पुख्ता व्यवस्था करने के निर्देश सभी जिला कलेक्टरों को दिए हैं। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद शहरों और ग्रामीण इलाकों की सीमाओं पर चेकिंग की जा रही है।

एम्स भोपाल के डायरेक्टर बोले- बीमारी यदि कंट्रोल नहीं हुई तो मुश्किल होगी
एम्स डायरेक्टर डॉ. सरमन सिंह ने कहा कि संक्रामक बीमारियों में 105 से 110 दिन के बाद यदि वह कंट्रोल नहीं हुई तो इसका प्रसार तेजी से बढ़ जाता है। कोरोना के मामले में रोकने के लिए लॉक डाउन किया गया। यूनाइटेड किंडम ने कहा था कि हम लॉकडाउन नहीं करेंगे। हर्ड इम्युनिटी बढ़ाएंगे, लेकिन बाद में उन्हें इस रणनीति को बदलकर लॉकडाउन करना पड़ा। हम पीक का इंतजार नहीं कर सकते हैं। रोकने के लगातार उपाय भारत में किए जा रहे हैं।

कमलाराजा अस्पताल (केआरएच) के पीडियाट्रिक वार्ड में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों के संक्रमित निकलने पर यहां भर्ती नवजात बच्चों को मैटरनिटी वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

ग्वालियर: केआरएच के एसएनसीयू में तीन डॉक्टर संक्रमित मिलने के बाद हड़कंप

रविवार को 129 काेरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। इन मरीजों को मिलाकर जिले में 2575 कोरोना संक्रमित निकले हैं। जीआरएमसी के पीडियाट्रिक विभाग के 4 जूनियर डॉक्टर कोरोना संक्रमित निकले। इनमें से 3 जूनियर डॉक्टर कमलाराजा अस्पताल (केआरएच) के एसएनसीयू में काम कर रहे थे। एक जूनियर डॉक्टर की पीडियाट्रिक वार्ड में ड्यूटी थी। एसएनसीयू में दो दिन पहले एक नर्स भी कोरोना पॉजिटिव निकली थी।

नर्स और जूनियर डॉक्टर के कोरोना संक्रमित निकलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में यहां भर्ती 56 नवजात शिशुओं में से 20 को उनकी मां के पास वार्डों में भेजा गया। हालत में सुधार होने के कारण 10 अन्य बच्चों को डिस्चार्ज कर दिया गया। केआरएच के एसएनसीयू में संक्रमण फैलने की आशंका के कारण अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन सकते में है।

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