दिल्ली/भोपाल/रीवा| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रीवा में एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन कर पूरे मध्य प्रदेश को साध लिया है. बिजली उत्पादन के लिहाज से मध्य प्रदेश को मिला यह बड़ा गिफ्ट माना जा रहा है. रीवा के इस सोलर पावर प्लांट से पूरा मध्य प्रदेश रोशन होगा. इससे मध्य प्रदेश सस्ती और साफ-सुथरी बिजली का न केवल हब बनेगा, बल्कि दिल्ली की मेट्रो को भी चलाने के लिए बिजली सप्लाई कर सकेगा.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को प्लांट के उद्घाटन के दौरान इसकी एक-एक खूबियां बताकर जनता को जोड़ने की कोशिश की है. उन्होंने बताया कि रीवा की ही तरह शाजापुर, नीमच और छतरपुर में भी बड़े सोलर पावर प्लांट पर काम चल रहा है. ये तमाम प्रोजेक्ट जब तैयार हो जाएंगे, तो इसका सबसे अधिक लाभ मध्य प्रदेश के गरीब, मध्यम वर्ग के परिवारों, किसानों और उद्योगों को होगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन समारोह के बाद भाजपा का शीर्ष नेतृत्व रीवा के सोलर प्लांट को बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित करने में जुट गया. गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट के जरिए इस सोलर प्लांट की अहमियत बताई. भाजपा नेताओं ने अपने ट्वीट से यह जताने की कोशिश की कि केंद्र और राज्य सरकारें, मध्य प्रदेश के विकास का ख्याल रख रही है.

गृहमंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कहा, ‘मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एशिया के सबसे बड़े 750 मेगावाट रीवा सोलर प्रोजेक्ट को देश को समर्पित करने के लिए धन्यवाद देता हूं. यह महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट, मोदी सरकार के आत्मनिर्भर भारत के विजन को न केवल मजबूत करता है बल्कि 175 गीगावाट्स नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को 2022 तक प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है. वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, ‘आज रीवा, मध्यप्रदेश में आदरणीय नरेंद्र मोदी ने 750 मेगावाट क्षमता वाले एशिया के सबसे बड़े सोलर पावर प्लांट प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया. मैं इस ऐतिहासिक कदम के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री शिवराज चौहान को धन्यवाद तथा मध्यप्रदेश की जनता को बधाई देता हूं।’

वहीं जेपी नड्डा ने कहा कि इस परियोजना से प्रतिवर्ष 15.7 लाख टन कार्बन उत्सर्जन को रोकने में मदद मिली है, जो 2.60 करोड़ पेड़ों के लगाने के बराबर है. इसका लाभ गरीब, मध्यम वर्ग, किसानों और आदिवासी भाई बहनों को पहुंचने वाला है. सौर ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा माध्यम होगा जो स्योर, प्योर और सिक्योर है. इसी तरह अन्य भाजपा नेताओं ने भी इस प्रोजेक्ट के उद्घाटन को भुनाने की कोशिश की है.

सूत्रों का यह भी कहना है कि मध्य प्रदेश में 24 सीटों का सितंबर में उपचुनाव संभावित है. 2018 के विधानसभा चुनाव को पार्टी ने शिवराज सरकार के कार्यो पर लड़ा था, लेकिन उपचुनाव में विकास से जुड़े कुछ नए मुद्दे भी भाजपा को चाहिए. ऐसे में उपचुनाव के लिए मैदान में उतरते समय भाजपा के पास मध्य प्रदेश में एशिया के इस सबसे बड़े सोलर प्लांट को सरकार की उपलब्धि बताने का मौका होगा. जिसका भाजपा को उपचुनाव में लाभ भी मिल सकता है.

By Vishal

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