कोयला श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चा ने कमर्शियल माइनिंग एवं निजीकरण का किया विरोध
सारनी। वेकोलि पाथाखेड़ा क्षेत्र मे तीन दिवसीय हड़ताल को सफल बनाने के लिए संयुक्त मोर्चा की बीएमएस, इंटक, एटक,एचएमएस एवं सीटू के साथ साथ सभी संस्थान सिस्टा,एसटी एससी कॉन्सलिंग,इमोसा (T.N उपाध्याय) और इमोसा (P.N मिश्रा) जैसे सभी संस्था ने कंद्रीय स्तर पर संयुक्त मोर्चा को समर्थन किया। और पूरी तरह से इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए पुरजोर सहयोग किया। पाथाखेड़ा के कोयला कर्मचारी ने एक बार प्रबंधन,सरकार को अपनी एकता और उदारता का परिचय दिया। जहा क्षेत्र के सभी खदान,वर्कशॉप,महाप्रबंधक कार्यालय,हॉस्पिटल, सबस्टेशन,सिक्युरिटी विभाग,स्टोर,पंप हाउस,रेस्क्यू और सभी विभाग जहां एक कामगार भी कार्य पर जाता होगा। सभी कामगारों ने मिलकर हड़ताल को सफल बनाया। पहली बार एक बात पाथाखेड़ा क्षेत्र के कामगारों मे देखने को मिली की हर बार प्रबंधन असेंशिअल सर्विस (अतिआवश्यक कार्य) के नाम पर करीब 300-400 कामगार की एमर्जेन्सी ड्यूटी लगाती थी। परन्तु कामगारों को अपनी कोयला उद्योग को लेके इतनी जागरूकता है। की कोई भी कामगार कर्मचारी घर से ही तीन दिन कार्य के लिए नहीं निकला। वही पाथाखेड़ा क्षेत्र हॉस्पिटल की महिला नर्सिंग स्टॉफ ने अपने कार्य लिए बिना हाजरी लगाए पूरी चिकित्सा सुविधा दी इतना ही नहीं किसी एक डिलीवरी कार्य को भी पूरी जवाबदारी से अंजाम दिया। और क्षेत्र मे घरों पर पानी की समस्या को देखते हु सभी पम्प ऑपरेटर,वाल मेन,फिटर ने भी बिना हाजरी की फ्री सुविधा दी। प्रत्येक कामगार निवासी को पानी दिया। क्षेत्र के बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी बिना हाजरी के तीन दिन सहयोग दिया। ऐसी कामगारों ने अपने वेतन को त्याग कर जो सेवाएं दिए है। उन्होंने अपनी कम्पनी के प्रति,कामगारों के परिवारों के प्रति ईमानदारी,एकता और अखंडता का परिचय दिया। सयुक्त मोर्चा ने सभी कर्मियों का आभार व्यक्त किया। तीसरे दिन से खदान और सभी इकाइयों की सुरक्षा और संचालन पाथाखेड़ा के सभी वेकोलि अधिकारी और जिला प्रशासन से भेजे पुलिस विभाग ने की। उनका भी सयुक्त मोर्चा आभार प्रकट किया। आख़री दिन भी सभी खदानों पर सभी संगठन के अध्यक्ष/ सेक्रेटरी सदस्यों कामगारों के साथ इकाई पर नारे बाजी किये मोदी सरकार की नीतियों का विरोध किये। और क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन के पदाधिकारी गण 10 बजे महाप्रबंधक कार्यालय मे एकत्रित हुए जिसमे स्वतंत्रता सेनानी डॉ कृष्णा मोदी सीटू के वेलफयर बोर्ड सदस्य कामेश्वर राय,सभी क्षेत्रीय अध्यक्ष मो आशिक खान,प्रकाशराव,एल झरबड़े,अमृतलाल,कलिका सभी संगठनों के महामंत्री बिजेदर सिंह,भरत सिंह,श्रीकांत,अशोक नामदेव, अशोक बुंदेला,संयुक्त मोर्चा के पधादिकारी महेंद्र ठाकुर,दामोदर मिश्रा,संजय सिँह,अशोक मालवीय, अशोक सेलकारी,एसके उपरीत,ओमकार शुक्ला, रणधीर सिंह,सादीक रिज़वी,सुदामा सिंह,विजय रघुवंशी,धनराज देशमुख,शमशेर सिंह,महेंद्र यादव,निर्धिश,यासीन खान,प्रमोद भारतीय,राजेश डेहरिया,वीरू सिंह,शमसेर खान,दीपक पवार, राजेश देशमुख,अवधेश सिन्हा,परवेज खान,मनीष,केतन कालभोर, राजकुमार पाठे, हबीब अंसारी,एलके प्रसाद, सुमित अग्रवाल,श्याम यादव, विजय मिश्रा, जगदीश डिगरसे, जगदीश रघुवंशी, इन्द्रेश, कृष्ण्कांत राय,कपिल देव सिंह,हिमांशु चतुर्वेदी,देव बोहरा,सुगन यादव,चन्दन राय,अंचित डे,जाहिद खान,जावेद कीरेशि,रतनशरूप,छोटू डेहरिया,मिथलेश सिंग, हरभजन सिंह,एसके लाल,नरेन्द मिश्रा,खेमचंद कोले,विजय रघुवंशी, दीपक तुरिया, कामदेव, जायसवाल, भीमचंद सोलंकी, निजाहद खान, विजय परमार,मनोज मककार,आकाश,गणेश,सुरजीत सेन, सुजीत सिंह,हेमंत,कमरुद्दीन और सैकड़ो की तादाद मे आकर बिना मास्क लगाए एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कोल कर्मियों ने महाप्रबंधक कार्यालय में कमर्शियल माइनिंग,निजीकरण का विरोध किया। मोदी सरकार और कोयला मंत्री के विरोध में के नारे लगाए गए और प्रदर्शन किया गया।
कोयला उद्योग की तीन दिवसीय हड़ताल पूरी तरह सफल
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