सारनी। भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने वेकोलि क्षेत्र की खदानों में छिंदवाड़ा जिले कार्यरत कर्मचारियों को कार्य पर शुरू करने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को पत्र लिखा। जानकारी देते हुए भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ के महामंत्री बिजेंद्र सिंह ने बताया कि वेस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड पाथाखेड़ा क्षेत्र की कोयला खदानों में छिन्दवाड़ा जिले की जुन्नारदेव एवं परासिया से लगभग 300 कामगार कर्मचारी रोजाना पाथाखेड़ा क्षेत्र की विभिन्न खदानों में अपने गृह निवास से आना-जाना करते हैं। किंतु लॉकडाऊन के कारण उन्हें छिन्दवाड़ा जिले की जुन्नारदेव एवं परासिया तहसील से बैतूल जिले में कार्य पर आने से रोका जा रहा है। जबकि दोनों जिले ऑरेंज जोन में सम्मिलित है, विगत एक माह से उन कामगारों कर्मचारियों के कार्य पर उपस्थित नहीं होने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति गड़बड़ा गई है एवं पारिवारिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। वर्तमान भीषण गर्मी में उनके क्षेत्र में निवास की समुचित व्यवस्था संभव नहीं है। इस स्थिति में जिस तरह से प्रमुख सचिव, मध्यप्रदेश शासन, नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा माध्यम से राज्य सरकार कर्मचारी जो कार्यस्थल पर अन्य जिलों में निवास करते हुए आना चाहते हैं, उनका परिचय पत्र ही ई-पास के रूप में कार्य करेगा, अलग से ई-पास की व्यवस्था नहीं की गई है। उसी तरह कोयला उद्योग जो केन्द्र सरकार द्वारा अति-आवश्यक सेवाओं में सम्मिलित किया गया है। वेकोलि कामगारों को छिन्दवाड़ा जिले की
जुन्नारदेव एवं परासिया तहसील से बैतूल जिले की घोड़ाडोंगरी तहसील के पाथाखेड़ा क्षेत्र में अपने कार्य पर उपस्थित होने की अनुमति प्रदान करवाने की व्यवस्था अपेक्षित है। जिसे लेकर भारतीय कोयला खदान मजदूर संघ ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि इन कर्मचारियों एवं कामगारों को भी पाथाखेड़ा की खदानों में कार्य करने की अनुमति प्रदान करें जिससे कामगारों की आर्थिक स्थिति ठीक रहे।

By Vishal

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