भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने गुरूवार को आपातकाल संविधान हत्या दिवस पर बैतूल में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर मीसाबंदियों का किया सम्मान

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आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा अध्याय, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता
लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षों से देश को मिली वास्तविक स्वतंत्रता
लोकतंत्र सेनानियों और उनके परिजनों का त्याग अतुलनीय-श्री हेमंत खण्डेलवाल

भोपाल/बैतूल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश  अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने गुरूवार को आपातकाल संविधान हत्या दिवस पर बैतूल जिले के भाजपा कार्यालय विजय भवन में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित कर मीसाबंदियों का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार सत्ता पर अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलने से भी पीछे नहीं हटे। इसी मानसिकता के कारण 25 जून 1975 को देश पर आपातकाल थोपा गया, जो भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सबसे बड़ा हमला था। आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का एक ऐसा अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोकतंत्र सेनानियों के त्याग, तपस्या और बलिदान के कारण ही आज देश लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ मजबूती से खड़ा है। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्षों से देश को वास्तविक स्वतंत्रता मिली है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिन लोगों ने अपने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं का त्याग किया, उनका सम्मान करना समाज और राष्ट्र का दायित्व है।
लोकतंत्र सेनानियों के साथ उनके परिजनों ने मानसिक परेशानियों का सामना किया
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि उस दौर में लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हुआ, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और हजारों निर्दाेष लोगों को बिना किसी ठोस कारण के जेलों में बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के साथ-साथ उनके परिवारों ने भी उस कठिन समय में अनेक प्रकार की सामाजिक, आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना किया। परिवारों को असुरक्षा, अभाव और संघर्ष के बीच जीवन यापन करना पड़ा, लेकिन उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रहित के प्रति अपनी आस्था को कभी कमजोर नहीं होने दिया। जो कांग्रेस आज लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की बात करती है, उसी ने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं और मूल्यों को कमजोर करने का काम किया है और आज भी लगातार कर रही है।
विपरीत परिस्थितियों में भी लोकतंत्र सेनानी अपनी विचारधारा के प्रति अडिग रहे
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक इतिहास की एक ऐसी चुनौती थी, जिसमें अनेक परिवारों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। तत्कालीन समय में कांग्रेस द्वारा सत्ता के संरक्षण में नागरिक अधिकारों का दमन किया गया और राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित किया गया। लोकतंत्र सेनानियों ने ऐसे कठिन दौर में भी संघर्ष का रास्ता चुना और लोकतांत्रिक व्यवस्था की पुनर्स्थापना के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज लोकतंत्र सेनानियों एवं उनके परिजनों का सम्मान कर उन्हें गौरव की अनुभूति हो रही है। यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उस संघर्षशील भावना का सम्मान है जिसने देश में लोकतंत्र को जीवित रखने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद लोकतंत्र सेनानियों ने अपनी विचारधारा और सिद्धांतों को मजबूती से बनाए रखा। उनके संघर्ष का ही परिणाम है कि जनसंघ से लेकर जनता पार्टी और आज भारतीय जनता पार्टी के रूप में राष्ट्रवादी विचारधारा लगातार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और साहस ने देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था को जीवित रखने का कार्य किया और आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम को लोकतंत्र सेनानी परिवार के सदस्य श्री जितेंद्र कपूर ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम के दौरान आपातकाल पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन भी किया गया। इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष श्री सुधाकर पवार, विधायक श्री चंद्रशेखर देशमुख सहित पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी श्री रामचरित मिश्र, श्री मोतीलाल कुशवाह, श्री महेंद्र भार्गव सहित लोकतंत्र सेनानी सहित उनके परिजन उपस्थित रहे।

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