- अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम की मिसाल थीं वीरांगना रानी दुर्गावती
- रानी दुर्गावती के नाम पर होगा जबलपुर एयरपोर्ट का नाम
- रानी दुर्गावती के नाम पर नवीन संस्थान का जबलपुर में जल्द होगा लोकार्पण
- 100 करोड़ रूपए लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है नया संस्थान- डॉ. मोहन यादव
- रानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय स्वाभिमान और वीरता की अमर गाथा है
- रानी दुर्गावती ने सिखाया सम्मान के साथ मृत्यु, अपमान के साथ जीवन से श्रेष्ठ है- श्री हेमंत खण्डेलवाल
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने बुधवार को जबलपुर में रानी दुर्गावती के 463वें बलिदान दिवस पर उनकी समाधि स्थल नर्रई नाला जबलपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती, अदम्य साहस, अद्वितीय पराक्रम और साहस की प्रतिमूर्ति थीं। नारी शक्ति का पराक्रम मां दुर्गावती के व्यक्तित्व में नजर आता है। मुगलों को युद्धों में धूल चटाने वाली ऐसी वीरांगना रानी दुर्गावती का आज 463वां बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना साम्राज्य में 52 गढ़ों पर शासन किया। पति की असमय मृत्यु के बाद 5 साल के बेटे को सिंहासन पर बैठाया और 15 साल तक जनता की सेवा के लिए और क्षेत्र की रक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया। मध्यप्रदेश की धरती पर लगभग 500 वर्ष पूर्व रानी दुर्गावती का जन्म हुआ, लेकिन आज पूरा देश और प्रदेश उन्हें आदर के साथ स्मरण करता है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश सरकार के गठन के बाद मंत्रि-परिषद की पहली बैठक जबलपुर में रानी दुर्गावती को समर्पित कर आयोजित की गई थी। इसके बाद दूसरी कैबिनेट बैठक रानी दुर्गावती के गौंडवाना साम्राज्य की राजधानी संग्रामपुर में आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम वीरांगना रानी दुर्गावती के नाम पर रखने के लिए केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि रानी दुर्गावती का बलिदान भारतीय स्वाभिमान और वीरता की अमर गाथाओं में शामिल हैं। रानी दुर्गावती का त्याग और राष्ट्रभक्ति नई पीढ़ी को हमेशा प्रेरित करती रहेगी। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश उन सभी महान विभूतियों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण कर रहा है, जिन्होंने स्वतंत्रता और मुगलकाल के दौरान राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया। कार्यक्रम को मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राकेश सिंह एवं श्रीमती संपतिया उइके ने भी संबोधित किया।
रानी दुर्गावती को समर्पित 100 करोड़ के संस्थान का जल्द होगा लोकार्पण – डॉ. मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रानी दुर्गावती को समर्पित नवीन संस्थान जबलपुर में 100 करोड़ रूपए की लागत से मदन महल के पास तैयार हो रहा है, जिसका लोकार्पण बहुत जल्द किया जाएगा। इस संस्थान से प्रदेश की भावी पीढ़ी रानी दुर्गावती के गौरवशाली अतीत और कार्यों से परिचित होंगी। जबलपुर में रानी दुर्गावती के नाम पर एक चिड़ियाघर और वन्य प्राणी रेस्क्यू सेंटर बन रहा है। इसके साथ ही 35वीं बटालियन मंडला का नाम रानी दुर्गावती के नाम पर रखा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने देश के नायकों की वीरता और समृद्ध विरासत को सही रूप में प्रस्तुत करने के लिए विरासत से विकास अभियान शुरू किया। रानी दुर्गावती का शासन काल, गौंड साम्राज्य का स्वर्णिम युग था। रानी दुर्गावती ने किसान कल्याण के लिए उस दौर में बीज संग्रह, फसल चक्रण और जल संचय के महत्वपूर्ण कार्य कराए थे। उनके प्रबंधन के परिणाम स्वरूप अनाज के भंडार भरे हुए थे।
किसानों के कल्याण के लिए ठोस निर्णय ले रही है सरकार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए संकल्पित है और पूरा वर्ष किसानों को समर्पित करते हुए ठोस निर्णय ले रही है। अब किसान बंधुओं के लिए शून्य ब्याज दर पर 31 मार्च तक कर्ज चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है। किसान जिस तारीख को लोन लेंगे, तब से एक वर्ष की समयावधि में कर्ज चुकाया जा सकेगा। राज्य सरकार 880 करोड़ रुपए का भुगतान वित्तीय संस्थाओं को करेगी। राज्य सरकार पर्यटन, उद्योगों और अधोसंरचना विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शासकीय परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण करने पर सरकार किसानों को अब चार गुना मुआवजा देगी। प्रदेश में संचालित रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना से कोदो-कुटकी पैदा करने वाले किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रदेश की लाड़ली बहनों को हर माह जारी हो रहे 1500 रुपए से उनकी आत्मनिर्भरता बढ़ी है। किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का भी लाभ मिल रहा है। रानी दुर्गावती द्वारा किसानों के कल्याण के लिये चलाये गये कार्यक्रमों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार भी निरंतर कृषक हित में कार्य कर रही है। हमारी सरकार के पास किसान कल्याण और कल्याणकारी योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि जनजातीय कल्याण के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी लगातार कार्य कर रहे हैं। देश में पहली बार जनजातीय वर्ग से श्रीमती द्रौपदी मुर्मु राष्ट्रपति पद को सुशोभित कर रही हैं। राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के भाव से काम कर रही है। हमारी सरकार जो कहती है, वो करके दिखाती है।
रानी दुर्गावती का त्याग और राष्ट्रभक्ति नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी – श्री हेमंत खण्डेलवाल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कहा कि आज का दिन भारतीय इतिहास के उन स्वर्णिम पन्नों की याद दिलाता है, जो स्वाभिमान, साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अमिट गाथाओं से भरा हुआ हैं। लगभग 462 वर्ष पूर्व महान वीरांगना रानी दुर्गावती ने मातृभूमि, संस्कृति और सम्मान की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया था और वह दिन अमर हो गया। उनका जीवन और बलिदान भारतीय नारी शक्ति, आत्म सम्मान और अदम्य साहस का अद्वितीय उदाहरण है। चंदेलों की बेटी गोंड रानी दुर्गावती ने विदेशी आक्रमणकारियों के सामने कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। उन्होंने स्वतंत्रता, संस्कृति और अपने राज्य की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष किया। उनका बलिदान केवल जनजातीय समाज की धरोहर नहीं, बल्कि पूरे भारत के गौरव और स्वाभिमान का प्रतीक है, जिसे देश सदियों तक स्मरण करता रहेगा। रानी दुर्गावती का त्याग और राष्ट्रभक्ति नई पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी। रानी दुर्गावती केवल एक वीर योद्धा ही नहीं थीं, बल्कि जनकल्याणकारी शासक भी थीं। उन्होंने जल संरक्षण, कृषि सहित जनहित और सुशासन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किए, जिनकी प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। उनके द्वारा स्थापित आदर्श वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश उन सभी महान विभूतियों के योगदान को सम्मानपूर्वक स्मरण कर रहा है, जिन्होंने स्वतंत्रता और मुगलकाल के दौरान राष्ट्र, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया। उन्होंने कहा कि मुगलकाल सहित विभिन्न कालखण्डों में जिन्होंने राष्ट्र और धर्म की रक्षा हेतु बलिदान दिया, उनके प्रति कृतज्ञ राष्ट्र सदैव ऋणी रहेगा। वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर हम उन्हें कोटि-कोटि नमन करते हैं तथा उनके त्याग, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और मजबूत करने का आह्वान करते हैं।
रानी दुर्गावती मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं – श्री राकेश सिंह
मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राकेश सिंह ने कहा कि वीरांगना रानी दुर्गावती का नाम लेते ही महाकौशल और मध्यप्रदेश के कण-कण में श्रद्धा का भाव जाग उठता है। रानी दुर्गावती केवल एक वीर योद्धा नहीं थीं, बल्कि जल प्रबंधन, कृषि व्यवस्था, आत्मसम्मान और मातृभूमि के प्रति समर्पण की अद्भुत प्रतिमूर्ति थीं। उनके द्वारा बनाए गए तालाबों की श्रृंखला, जल संचयन और संसाधनों के उपयोग की उनकी व्यवस्था आज भी बड़े-बड़े जल विशेषज्ञों को चकित करती है। उन्होंने कहा कि जबलपुर की धरती के लिए यह गर्व का विषय है कि यह वही भूमि है, जहां वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से आग्रह किया कि जबलपुर एयरपोर्ट का नाम भी वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती के नाम पर किया जाए। यह केवल नामकरण नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक अस्मिता और गौरव को राष्ट्रीय पहचान देने वाला निर्णय होगा।
समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन किये अर्पित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने कार्यक्रम की शुरूआत में ग्राम नर्रई नाला स्थित वीरांगना महारानी रानी दुर्गावती की समाधि स्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। शहीद वीर नारायण की प्रतिमा पर भी पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही गौंड समाज के आराध्य देवता बड़ा देव का पूजन-अर्चन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, श्री आशीष दुबे, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह, विधायक श्री अशोक रोहाणी, श्री सुशील तिवारी ‘इंदू‘, श्री नीरज सिंह, जिला अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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