सारनी। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत संचालित आयुष्मान भारत उमंग स्कूल हेल्थ एंड वेलनेस कार्यक्रम के तहत सागर जिले में दो बैच, टीकमगढ़ जिले में एक बैच तथा निवाड़ी जिले में एक बैच के शिक्षकों के तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यालयों में स्वास्थ्य एवं कल्याण गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने हेतु शिक्षकों की क्षमता का विकास करना था। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को किशोर स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, जीवन कौशल, लैंगिक समानता, नशा मुक्ति, स्वच्छता तथा विद्यालय आधारित स्वास्थ्य एवं कल्याण गतिविधियों से संबंधित विभिन्न विषयों पर विस्तृत एवं व्यवहारिक जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण सत्रों में सहभागितापूर्ण गतिविधियों, समूह चर्चाओं, प्रस्तुतियों एवं अनुभव साझा करने के माध्यम से शिक्षकों की समझ को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया।
समापन अवसर पर विभिन्न जिलों में स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। निवाड़ी जिले में आयोजित समापन समारोह में एडीपीसी किरण कौशिक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल झामनानी तथा जिला परियोजना अधिकारी भागवत सिंह उपस्थित रहे। वहीं टीकमगढ़ में जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम. वरुण एवं प्रभारी जिला समन्वयक जागृति त्रिवेदी द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सागर जिले में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गंगा प्रसाद आर्य, डॉ. हेमंत कोष्ठी तथा प्रभारी जिला समन्वयक श्रीमती सुरभि साहू की उपस्थिति में प्रशिक्षण का समापन किया गया।
निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले में BGMS से श्री कौशल सिह दंगी की उपस्थित रही है ।
अधिकारियों ने अपने संबोधन में शिक्षकों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी एवं सकारात्मक व्यवहार को बढ़ावा देकर वे स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
प्रशिक्षण का सफल संचालन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, जिला स्वास्थ्य अधिकारियों तथा प्रभारी जिला समन्वयकों के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम के आयोजन, समन्वय एवं व्यवस्थाओं में की टीम का विशेष योगदान रहा है समापन समारोह में सभी प्रतिभागी शिक्षकों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें अपने-अपने विद्यालयों में स्वास्थ्य एवं कल्याण गतिविधियों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षण में शामिल शिक्षकों ने विद्यार्थियों तक स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियाँ पहुँचाने तथा स्वस्थ, सुरक्षित, समावेशी एवं जागरूक विद्यालय वातावरण के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
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