• ताप्ती में लगाई डुबकी, कुंभ के कारण स्नान का विशेष महत्व

बैतूल। बैतूल में मौनी अमावस्या के पावन अवसर पर ताप्ती नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सूर्य पुत्री ताप्ती नदी के मुल्ताई स्थित उद्गम स्थल, बारहलिंग घाट, खेड़ी घाट, पारसडोह, श्रवण तीर्थ साईखेड़ा और कोलगांव घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना शुरू हो गया। इस साल स्नान का महत्व विशेष है क्योंकि प्रयागराज में कुंभ मेला आयोजित हो रहा है। श्रद्धालु खेड़ी मार्ग से बारहलिंग और आठनेर मार्ग से कोलगांव घाट पहुंच रहे हैं। सिद्धि विनायक ज्योतिष संस्थान के निदेशक पंडित संजीव शर्मा के अनुसार, प्रयागराज में शाही स्नान के कारण स्थानीय श्रद्धालु यहां स्नान और दान कर कुंभ जैसी अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं।

पापों से मुक्ति मिलने की है मान्यता
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर पवित्र नदियों में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस दिन स्नान करने से सभी प्रकार के कायिक, वाचिक और मानसिक पापों से मुक्ति मिलती है। विशेष रूप से इस तिथि पर पितरों का तर्पण, दान-पुण्य और गरीबों को भोजन कराने का विशेष महत्व माना गया है। दिन चढ़ने के साथ श्रद्धालुओं की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

By Vishal

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