बैतूल। भाजपा सांसद दुर्गादास उइके, पूर्व सांसद एवं प्रदेष कोषाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के लाॅकडाउन में आदिवासी परिवारो द्वारा महुआ जाम खाने एवं पीने के पानी नही होने के बयान को बेबुनियाद और गुमराह करने वाला बताते हुए गैरजिम्मेदाराना बताया है। गौरतलब है कि पूर्व मुख्यमंत्री ने 26 अप्रेल को टृवीट करते हुए बैतूल जिले के चिचोली के ग्राम उमरडोह में कई आदिवासी परिवारो के पास लाॅकडाउन में खाने को राषन नही होने व पीने के पानी के अभाव में महुआ,जाम खाकर पेट भरने का आरोप लगाया था। सांसद श्री उइके ,पूर्व सांसद श्री खंडेलवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के इस बयान को बेहद शर्मनाक बताया है। दोनो भाजपा नेताओ ने कहा कि एक समाचार पत्र में इस तरह की खबर प्रकाषित होने के बाद कलेक्टर ने चिचोली तहसीलदार को भेजकर जाॅच करवाई है। तहसीलदार की जाॅच रिपोर्ट में भी इस तरह की घटना असत्य पाई गई है। तहसीलदार के नेतृत्व में गए संयुक्त दल ने पाया कि चिचोली विकासखंड में उमरडोह नाम का गांव न ही वनग्राम है और न ही राजस्व ग्राम के रूप में दर्ज है। भाजपा नेताओ का कहना है कि समाचार पत्र में जिन व्यक्तियो का नाम दिया गया है वे बोड ,कामठामाल,पीपलबर्रा के निवासी है और वनभूमि पर कब्जा करना चाहते है। उन्होने मूलगांव में तीन महिने का राषन भी प्राप्त कर लिया है। जो इन्होने जाॅच दल के सामने स्वीकार भी किया है। श्री उइके एवं श्री खंडेलवाल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री एक जिम्मेदार व्यक्ति है उन्हे आधी अधुरी जानकारी के आधार पर जनता को गुमराह नही करना चाहिए। भाजपा नेताओ ने कहा कि वैष्विक महामारी कोरोना से लडाई लडने एवं जनता तक जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने का प्रदेष सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। इसमें समाज सेवी भी बडी संख्या में आगे आ रहे है। ऐसे संवेदनषील मुददे पर पूर्व मुख्यमंत्री तुच्छ राजनीति कर जनता को गुमराह कर रहे है जो उन्हे शोभा नही देता है। श्री उइके ,श्री खंडेलवाल ने कहा कि कमलनाथ को ऐसे असत्य एवं गैरजिम्मेदाराना कृत्य के लिए प्रदेष की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *