मध्यप्रदेश में कल आ सकती है कांग्रेस की पहली सूची

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  • कमलनाथ बोले- 60 सीटों पर चर्चा की, बाकी नामों पर मंथन जारी

भोपाल। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 15 अक्टूबर को अपने प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी कर सकती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि उस रफ्तार से हम चल रहे हैं, जिससे 15 तारीख को हम अपनी लिस्ट अनाउंस कर सकें। दिल्ली में ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में शुक्रवार को केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक हुई। इस बैठक के बाद कमलनाथ ने कहा कि ‘लगभग 60 सीटों पर चर्चा की है। फिर से बैठक होगी। स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक तुरंत होने वाली है। हमारी प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी में चर्चा करेंगे। तभी लिस्ट फाइनल करेंगे। श्राद्ध के बाद लिस्ट घोषित करेंगे। उस रफ्तार से हम चल रहे हैं, जिससे 15 तारीख को हम अपनी लिस्ट अनाउंस कर सकें। जितनी चर्चा हो उतना अच्छा है क्योंकि बहुत सी नई चीजें उभर कर आ रही हैं।’ मीटिंग में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल, कमलनाथ, रणदीप सुरजेवाला, डॉ. गोविंद सिंह, ओमकार सिंह मरकाम मौजूद रहे।

काफी सीटों पर सकारात्मक चर्चा हुई: रणदीप सुरजेवाला

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने कहा- काफी सीटों पर सकारात्मक चर्चा हुई। जिस तरह से पीसीसी अध्यक्ष कमलनाथ जी समन्वय बना रहे हैं। ये दर्शाता है कि कांग्रेस पार्टी मप्र में अप्रत्याशित जीत की ओर कदम बढ़ा रही है। हम सबके सामने दो उदाहरण हैं। एक तरफ भाजपा की घबराहट और सिर फुटव्वल का है। दूसरी तरफ आत्मविश्वास का है। वो आत्मविश्वास मप्र की साढे़ आठ करोड़ जनता के आशीर्वाद का है।

कांग्रेस की पहली सूची में हो सकते हैं 110 से 130 नाम

विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस की पहली सूची 110 से 130 उम्मीदवारों की हो सकती है। दूसरी सूची में बाकी सीट के प्रत्याशी होंगे। कांग्रेस के वर्तमान में 96 विधायक हैं। इनमें से छह विधायकों को इस बार प्रत्याशी बनाए जाने पर संशय है।

इन विधायकों को टिकट मिलने पर संशय

  • आरिफ अकील: 71 साल के आरिफ अकील कई गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। बीमारी के कारण वे खुद चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं। आरिफ अकील अपनी सीट (भोपाल उत्तर) पर बेटे आतिफ अकील को उतारना चाहते हैं। हालांकि, इस फैसले में आरिफ के भाई आमिर आडे़ आ रहे हैं। आमिर अपने भाई की सीट पर चुनाव लड़ना चाहते हैं।
  • टामलाल रघुजी सहारे: कटंगी सीट से विधायक टामलाल सहारे 76 साल के हो गए हैं। उन्होंने पार्टी को चुनाव न लड़ने की बात बता दी है। टामलाल 1993 में पहली बार विधायक बने। 1998 में दूसरी बार और 2018 में तीसरी बार विधायक बने थे।
  • अजब सिंह कुशवाह: मुरैना जिले की सुमावली सीट से मौजूदा विधायक अजब सिंह कुशवाह को न्यायालय से दो साल की सजा हो चुकी है। उनके खिलाफ रियल एस्टेट कारोबार में धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लग चुके हैं। ऐसे में कांग्रेस अजब सिंह के बजाए नए चेहरे पर दांव लगा सकती है।
  • पांचीलाल मेडा: धार जिले की धरमपुरी सीट से विधायक पांचीलाल मेडा 2008 में पहली बार विधायक बने थे। दस साल बाद 2018 में वे फिर धरमपुरी सीट से विधायक बने। कांग्रेस के तमाम सर्वे में उनकी रिपोर्ट ठीक नहीं है। ऐसे में उनकी जगह किसी और चेहरे को उतारा जा सकता है।
  • शिवदयाल बागरी: पन्ना जिले की गुन्नौर सीट से पहली बार के विधायक शिवदयाल बागरी की रिपोर्ट सर्वे में अच्छी नहीं मिली। लिहाजा इस सीट पर बदलाव हो सकता है।
  • सुरेश राजे: ग्वालियर जिले की डबरा सीट से मौजूदा विधायक सुरेश राजे कई बार विवादों में आ चुके हैं। उनके कई वीडियो भी सामने आ चुके हैं। ऐसे में पार्टी इस सीट पर बदलाव कर सकती है।

झाबुआ से कांतिलाल बेटे विक्रांत को लड़ाना चाहते हैं चुनाव

झाबुआ सीट से वर्तमान विधायक और पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ना चाहते। कांतिलाल अपने बेटे विक्रांत को इस सीट से चुनाव लड़ाना चाहते हैं। विक्रांत वर्तमान में युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं। इस सीट से विक्रांत का नाम लगभग तय माना जा रहा है।

विधायक सचिन बिरला BJP जॉइन कर चुके

कांग्रेस के टिकट पर पहली बार खरगोन जिले की बड़वाह सीट से विधायक बने सचिन बिरला ने दो साल पहले BJP को समर्थन दे दिया था। वे चार दिन पहले औपचारिक रूप से BJP में शामिल हो चुके हैं। ऐसे में इस सीट पर कांग्रेस नया चेहरा उतारेगी।

इन मौजूदा विधायकों के टिकट तय

विधानसभा क्षेत्रविधायक का नाम
श्योपुरबाबू जंडेल
सबलगढ़बैजनाथ कुशवाह
मुरैनाराकेश मावई
लहारडॉ. गोविंद सिंह
ग्वालियर पूर्वडॉ. सतीश सिकरवार
ग्वालियर दक्षिणप्रवीण पाठक
सेंवढ़ाघनश्याम सिंह
करैराप्रागीलाल जाटव
पिछोरकेपी सिंह कक्काजू
चाचौड़ालक्ष्मण सिंह
राघोगढ़जयवर्द्धन सिंह
चंदेरीगोपाल सिंह चौहान
देवरीहर्ष यादव
बंडातरबर सिंह लोधी
महाराजपुरनीरज दीक्षित
राजनगरविक्रम सिंह नातीराजा
छतरपुरआलोक चतुर्वेदी
दमोहअजय टंडन
गुनौरशिवदयाल बागरी
चित्रकूटनीलांशु चतुर्वेदी
रैगांवकल्पना वर्मा
सतनासिद्धार्थ कुशवाह
सिहावलकमलेश्वर पटेल
पुष्पराजगढ़फुंदेलाल सिंह मार्को
बड़वाराविजय राघवेंद्र सिंह
बरगीसंजय यादव
जबलपुर पूर्वलखन घनघोरिया
जबलपुुर उत्तरविनय सक्सेना
जबलपुर पश्चिमतरुण भनोत
शहपुराभूपेंद्र मरावी
डिण्डोरीओमकार सिंह मरकाम
बिछियानारायण सिंह पट्टा
निवासडॉ. अशोक मर्सकोले
बैहरसंजय उईके
लांजीहिना लिखीराम कांवरे
बरघाटअर्जुन सिंह काकोड़िया
लखनादौनयोगेंद्र सिंह
गोटेगांवनर्मदा प्रसाद प्रजापति
तेंदूखेड़ासंजय शर्मा
गाडरवारासुनीता पटेल
जुन्नारदेवसुनील उईके
अमरवाड़ाकमलेश प्रताप शाह
चाैरईचौधरी सुजीत मेर सिंह
साैंसरविजय रेवनाथ चौरे
छिंदवाड़ाकमलनाथ
परासियासोहनलाल बाल्मीक
पांढुर्णानिलेश पुसाराम उईके
मुलताईसुखदेव पांसे
बैतूलनिलय डागा
घोड़ाडोंगरीब्रह्मा भलावी
भैंसदेहीधरमू सिंह सिरसाम
उदयपुरादेवेंद्र सिंह पटेल
विदिशाशशांक श्रीकृष्ण भार्गव
भोपाल उत्तरआतिफ अकील (आरिफ अकील के बेटे)
भोपाल दक्षिण-पश्चिमपीसी शर्मा
भोपाल मध्यआरिफ मसूद
ब्यावरारामचंद्र दांगी
राजगढ़बापूसिंह तंवर
खिलचीपुरप्रियव्रत सिंह
आगरविपिन वानखेड़े
शाजापुरहुकुम सिंह कराड़ा
कालापीपलकुणाल चौधरी
सोनकच्छसज्जन सिंह वर्मा
भीकनगांवझूमा ध्यान सिंह सोलंकी
महेश्वरडॉ विजयलक्ष्मी साधौ
कसरावदसचिन सुभाष यादव
खरगोनरवि रमेश चंद्र जोशी
सेंधवाग्यारसी लाल रावत
राजपुरबाला बच्चन
पानसेमलचंद्रभागा किराड़े
अलीराजपुरमुकेश रावत
झाबुआकांतिलाल भूरिया/विक्रांत भूरिया
थांदलावीरसिंह भूरिया
पेटलावदवालसिंह मैड़ा
सरदारपुरप्रताप ग्रेवाल
गंधवानीउमंग सिंघार
कुक्षीसुरेंद्र सिंह हनी बघेल
मनावरडॉ. हिरालाल अलावा
देपालपुरविशाल जगदीश पटेल
इंदौर-1संजय शुक्ला
राऊजीतू पटवारी
नागदा-खाचरोददिलीप सिंह गुर्जर
तरानामहेश परमार
घटि्टयारामलाल मालवीय
बड़नगरमुरली मोरवाल
सैलानाहर्ष विजय गहलोत
आलोटमनोज चावला

पीसी शर्मा को नरेला शिफ्ट करने पर चर्चा

कुछ विधायकों की सीटों को बदलकर दूसरे मजबूत दावेदारों को मौका देने पर भी चर्चा चल रही है। इनमें भोपाल जिले की दक्षिण-पश्चिम सीट से मौजूदा विधायक पीसी शर्मा को नरेला शिफ्ट करने और दक्षिण-पश्चिम में संजीव सक्सेना को उतारने पर भी विचार चल रहा है। इसी तरह छतरपुर जिले की राजनगर सीट से वर्तमान विधायक कुंवर विक्रम सिंह नातीराजा को बिजावर शिफ्ट करने की चर्चा है। राजनगर सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे सत्यव्रत चतुर्वेदी की बेटी निधि को उतारने पर विचार चल रहा है।

हालांकि, इस फॉर्मुले के अमल में आने की संभावना कम है, क्योंकि 5 दिन पहले दिल्ली में हुई CEC की मीटिंग के बाद स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह ने विधायकों की सीट बदलने से इनकार कर दिया था। दूसरी वजह छतरपुर जिले में अभी महाराजपुर और छतरपुर में ब्राह्मण विधायक हैं और इन दोनों विधायकों को फिर उतारा जा रहा है। ऐसे में तीसरा ब्राह्मण चेहरा उतारे जाने से दूसरे वर्गों में नाराजगी हो सकती है। राजनगर में BJP ने भी पिछला चुनाव 732 वोट से हारे ब्राह्मण (अरविंद पटेरिया) को फिर मैदान में उतारा है। ऐसे में कांग्रेस BJP से यदि एक ही समाज के उम्मीदवार उतरे तो थर्ड फ्रंट का कोई उम्मीदवार बाजी मार सकता है।

इन हारी हुई सीटों पर ये नाम तय

अटेरहेमंत कटारे (पूर्व विधायक)
भांडेरफूलसिंह बरैया
कोलारसवीरेंद्र रघुवंशी (बीजेपी से आए वर्तमान विधायक)
बमोरीसुमेर सिंह गड़ा
खुरईअरुणोदय चौबे (पूर्व विधायक)
टीकमगढ़यादवेन्द्र सिंह (पूर्व विधायक)
जताराकिरण अहिरवार
पृथ्वीपुरनितेन्द्र सिंह राठौर
खरगापुरचंदा रानी गौर (पूर्व विधायक)
चंदलाहरप्रसाद अनुरागी
बिजावरभुवन विक्रम सिंह
मलहरारामसिया भारती
पथरियालक्ष्मण सिंह
जबेराप्रताप सिंह लोधी
हटाभगवानदास चौधरी
पवईमुकेश नायक (पूर्व विधायक)
नागौदयादवेन्द्र सिंह (पूर्व विधायक)
अमरपाटनराजेन्द्र सिंह (पूर्व विधायक)
मऊगंजसुखेन्द्र सिंह बन्ना (पूर्व विधायक)
रीवाअजय मिश्रा ‘बाबा’ (मेयर)
गुढ़कपिध्वज सिंह
मुड़वारानिशिथ पटेल
बहोरीबंदसौरभ सिंह (पूर्व विधायक)
पाटननीलेश अवस्थी (पूर्व विधायक)
जबलपुर केंटजगत बहादुर सिंह अन्नू (मेयर)
केवलारीरजनीश सिंह (पूर्व विधायक)
टिमरनीअभिजीत शाह
बुधनीमेघा परमार
आष्टाकमल सिंह चौहान
इछावरशैलेन्द्र पटेल (पूर्व विधायक)
नरसिंहगढ़गिरीश भंडारी
शुजालपुररामवीर सिंह सिकरवार
हाटपिपल्याराजवीर सिंह बघेल
खातेगांवदीपक जोशी (पूर्व विधायक)
मांधाताराजनारायण सिंह पुरनी (पूर्व विधायक)
खण्डवाकुंदन मालवीय
पंधानारूपाली बारे
नेपानगरगेंदू बाई
बुरहानपुरठाकुर सुरेंद्र नवल सिंह (निर्दलीय विधायक)
मंदसौरविपिन जैन
गरोठसुभाष सोजतिया
मनासानरेन्द्र नाहटा
नीमचभानु सिंह
जावदसमंदर पटेल

जिले के बाहरी नेताओं को टिकट नहीं

प्रत्याशी चयन को लेकर कुछ क्राइटेरिया भी फिक्स किए गए हैं। मध्यप्रदेश कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी के अध्यक्ष भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा कि सबसे बड़ा क्राइटेरिया तो विनेबिलिटी (जीतने की योग्यता) है। तीन बार हारे नेताओं को टिकट नहीं। विधायक अपनी सीट नहीं बदल पाएंगे। जिले के बाहर के नेता को टिकट नहीं मिलेगा।

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