• इससे पहले बैतूल के 104 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भी कोरोना को दे चुके हैं मात

बैतूल। बैतूल कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। 104 साल के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बिरदीचंद गोठी के बाद अब सबसे छोटे तीन माह के मासूम मयंक ने कोरोना को मात दी है। रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद मासूम चार दिनों में ठीक होकर घर आ गया।

मयंक मुलताई ब्लॉक के ग्राम शिरडी का निवासी है। 18 अप्रैल को तेज बुखार होने पर गंभीर हालत में पिता कैलाश पंडोले, मां काजोल पंडोले उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जगदीश घोरे ने बताया, मयंक का बुखार 105.4 डिग्री था। हार्ट बीट 117 प्रति मिनट, रेंडम ब्लड शुगर 117 व ऑक्सीजन लेवल 60 प्रतिशत था।

रैपिड एंटीजन टेस्ट में मयंक की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। मयंक को नवीन कोविड वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया। 20 अप्रैल से बुखार कम होने लगा। उसे मां का दूध पिलाया। अगले दिन 21 अप्रैल को मयंक को पूर्ण स्वस्थ होने के बाद जिला चिकित्सालय से डिस्चार्ज किया। उसका ऑक्सीजन लेवल 99 प्रतिशत था।

By Vishal

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