• बालक छात्रावास घोड़ाडोंगरी में खाद्यान्न का अनाज सड़ा
  • मामला उजागर होने पर एक दूसरे के ऊपर पल्ला झाड़ रहे अधीक्षक और जिम्मेदार अधिकारी

घोड़ाडोंगरी|एक तरफ मध्यप्रदेश की सरकार आदिवासी बच्चो को आगे बढ़ाने के लिए सरकार की तरफ से अनेको योजनाये चला रही है तो वही दूसरी तरफ इन आदिवासियों के हितों की रक्षा करने के लिए  जिम्मेदार अधिकारी ही भक्षक बन कर बैठ गए है ।और खाद्यान के रूप आने वाले अनाज के बंदरबाट में ही लग गए है इसके लिए अधीक्षक और जिम्मेदार अधिकारी मिलबाट कर योजनाबद्ध तरीके से इन अनाज के गोलमाल करने के लिए कोई कोई कसर नही छोड़ रहे है। ऐसे ही एक मामला घोड़ाडोंगरी बालक छात्रवास का सामने आया है जहाँ खेलने वाले बच्चो ने छात्रावास के सामने सड़े गेंहू को सुखाने की बात “राज एक्सप्रेस घोड़ाडोंगरी के सवांददाता को दी हमारे सवांददाता ने जब छात्रावास में जाकर इस पूरे मामले जानकारी लेना चाही तो अधीक्षक द्वारा गोल मोल रवैया से जवाब दिया गया ।अधीक्षक द्वारा बीईओ से जानकारी लेने की बात कही तब बीईओ ने कलेक्टर से आदेश लेकर जानकारी देने की बात कही इस पूरे मामले में अब जिस तरह लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ को गुमराह कर टालमटोली की जा रही है इससे यही प्रतीत होता है कि इस पूरे मामले में कई बड़ी मछली फसी हुई है जो लगातार गरीब आदिवासी बच्चो का शोषण कर सरकार को पलीता लगाने के साथ अपना घर भरने का काम कर रहे है|

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *