70 प्रतिशत अपराधों में हो जाता है समझौता

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फैक्ट्री की महिला कर्मचारियों को जागरूक करने पहुंचा महिला सेल
बैतूल। जिले के बदल रहे सामाजिक परिदृश्य एवं महिला अपराधों के प्रति जागरूकता के लिए महिला सेल द्वारा एसपी डीएस भदौरिया एवं एएसपी श्रद्धा जोशी के मार्गदर्शन में एमपी विनीयर्स बैतूल में महिला अपराधों के प्रति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। एमपी विनीयर्स के महाप्रबंधक अभिमन्यु श्रीवास्तव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में महिला सेल प्रभारी एसआई कविता नागवंशी एवं बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति के संचालक गौरी पदम ने महिलाओं को महिला अपराधों के संबंध में विभिन्न जानकारियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के दृष्टिगत मास्क की अनिवार्यता एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा गया। महिला सेल प्रभारी कविता नागवंशी ने जिले में नाबालिग बालिकाओं के साथ दुराचार, सामूहिक दुराचार, छेड़छाड़, घरेलु हिंसा सहित अन्य अपराधों को लेकर चर्चा की। उन्होंने बताया कि जिले के लोगों की मानसिकता अपराध का पंजीयन कराने की तो रहती है, लेकिन 70 प्रतिशत मामलों में न्यायालय में समझौता हो जाता है।
अपराधों पर नियंत्रण सब की जिम्मेदारी
एसआई नागवंशी ने बताया कि जिले में जिस तरह के अपराध बढ़ रहे है उसमें नाबालिग बालिकाओं, युवतियों के साथ दुराचार, शादी-शुदा महिलाओं के साथ मारपीट एवं दहेज प्रताडऩा के मामले प्रमुख है। जिले में बढ़ रहे अपराधों पर नियंत्रण अकेले पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है इसमें समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि दो महीने तक लॉकडाउन की स्थिति में अपराधों की विवेचना एवं फाईले देखी तो ज्यादातर मामले छोटी बालिकाओं के साथ दुराचार, महिला हिंसा के देखने में आए। बैतूल जिले में अपराध तो दर्ज होते है, लेकिन अधिकांश मामलों में समझौते हो जाते है यह चिंताजनक है। महिला सेल प्रभारी ने एमपी विनीयर्स की महिला कर्मचारियों से कहा कि यदि कहीं अपराध हो रहे है तो महिलाओं को शिकायत करना चाहिए। चुप रहने से अपराधी को और अधिक बढ़ावा मिलेगा और वह बढ़े अपराधों को अंजाम देने से भी नहीं चुकेगा। अकेले महिलाओं की जिम्मेदारी नहीं है बेटे और बेटियों को संभालने की, पुरूषों की भी बराबरी की जिम्मेदारी है। व्यस्ततम जीवन शैली की वजह से हम अपने परिवार और बच्चों को समय नहीं दे पा रहे है, जिसकी वजह से बच्चें माता-पिता से बच्चे अपनी समस्याएं सांझा करने की बजाए दूसरों पर भरोसा करने लगे। जरूरी है कि काम से घर लौटने के बाद कुछ समय बच्चों के लिए भी निकाले। बेटे और बेटियों के मोबाईल दिन में एक बार जरूर चेक करें। सोशल साईड पर बच्चों के मित्र कौन है और उनकी क्या बाते हेाती है इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके अलावा उनके आसपास का वातावरण, दोस्त और उनकी दिनचर्या पर भी ध्यान दे। काफी हद तक यह सतर्कता अपराधों के नियंत्रण में कारगर साबित होगी। इस दौरान उन्होंने डॉयल-100, महिला हेल्प लाईन-1090, चाईल्ड हेल्प लाईन 1098 की भी जानकारी दी, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मदद ली जा सके। श्रीमती नागवंशी ने समय-समय पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही।
अपराध की आशंका हो तो डायल-100 को दे सूचना
बैतूल सांस्कृतिक सेवा समिति की संचालक श्रीमती पदम ने फैक्ट्री की कर्मचारी महिलाओं एवं पुरूषों से कहा कि 10 घंटे तक वे ड्यूटी करते है और घरों से दूर रहते है। ऐसे में उनके घर में बच्चों की दिनचर्या क्या है यह जानकारी में होना चाहिए। आप चाहे कितना भी थके हो, लेकिन जब ड्यूटी करने के बाद घर लौटे तो परिवार के लिए थोड़ा सा वक्त जरूर निकाले। बैतूल जिले में बढ़ रहे महिला अपराधों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि अपराधों पर नियंत्रण पर यह जरूरी है कि जहां कोई अपराध घटित होने की आशंका है तो इसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दे, क्योंकि जानकारी और सूचनाएं ही पुलिस के अस्त्र है, इसी आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित होती है। यदि आसपास किसी तरह के अपराध की आशंका हो तो भी पुलिस को सूचना देकर एक जिम्मेदार होने का दायित्व सभी निभाएं। उन्होंने कहा कि यदि आपके साथ भी कोई अपराध हो रहा है तो उसकी भी शिकायत करें। हम पहल करेंगे तभी अन्य लोग भी अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाएंगे। अंत में एमपी विनीयर्स के महाप्रबंधक अभिमन्यु श्रीवास्तव ने  महिला सेल प्रभारी कविता नागवंशी से भविष्य में भी इसी तरह के जागरूकता कार्यक्रम करने के लिए अनुरोध किया। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फिलहाल 50 प्रतिशत कर्मचारी ही फैक्ट्री में आ रहे है। फैक्ट्री की महिलाओं को संबोधित करते हुए श्री श्रीवास्तव ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने साथ हो रहे अन्याय के विरूद्ध आवाज उठानी चाहिए। यदि कहीं अपराध होते दिखाई दे रहा है तो उसकी सूचना भी देना जरूरी है। महिलाओं के साथ-साथ पुरूषों को भी जागरूक होने की जरूरत है। 

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