बैतूल। वर्षा ऋतु के बाद नदी-नालों में बहते जल के प्रबन्धन को लेकर बैतूल जिले में हलचल प्रारम्भ हो गई है। स्टॉप डेम में कड़ी-शटर लगाना, पटिया डेम में पटिया लगाकर मिट्टी भरना तथा बोरी बन्धान बनाकर बहते पानी को रोकने के लिए भारत भारती आवासीय में 23 सितम्बर को एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें विद्या भारती जनजाति शिक्षा व गंगावतरण अभियान के प्रमुख कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की। तीन सत्रों में सम्पन्न कार्यशाला में गत वर्ष के जल प्रबन्धन की समीक्षा की गई । पिछले एक दशक से जल प्रबंधन के लिए किए जा रहे छोटे- छोटे प्रयासों से अनेक ग्रामों के भूजल स्तर में आये बदलाव से कार्यकर्ता उत्साहित है । कार्यकर्ताओं ने बताया कि सरण्डई जैसा सूखाग्रस्त ग्राम में पहाड़ियों पर खंतियाँ खोदकर पानी रोकने से वहाँ के भूजल स्तर में चमत्कारिक बदलाव आया है । जिन ग्रामों में वर्षा के बाद बोरी बन्धान बनाकर पानी रोका गया वहाँ पच्चीस एकड़ से लेकर पचास एकड़ तक रबी की खेती का रकबा बढ़ा है तथा गर्मी में पानी की समस्या में भी कमी आई है ।
इस बार विद्या भारती जनजाति शिक्षा के एकल विद्यालयों तथा भारत भारती के द्वारा बैतूल जिले के तीन सौ से अधिक ग्रामों में जल महोत्सव मनाकर बोरी बन्धान बनाये जायेंगे । बोरी बन्धान का कार्य वर्षा थमने व नदी-नालों में बहते पानी की रफ्तार कम होने के बाद बनाये जायेंगे ।
हमारा लक्ष्य पूरे बैतूल जिले को जलयुक्त करना है । उसके लिए जन-जन को जल से जोड़ना होगा। वर्षाजल की हर बूँद की चिन्ता कर उसे धरती के पेट में उतारना होगा । उसके लिए घर, खेत, खलियान, पहाड़ आदि पर छोटी-छोटी जल संरचनाएँ बनानी होगी । बड़े बाँध जल संरक्षण का सबसे आखिरी व बहुत खर्चीला उपाय है । पहला और कारगर उपाय तो वर्षा की पहली बूँद जहाँ गिरती है उसे वहीं आसपास ही ठहराकर जमीन में उतार दिया जाये तो केवल पाँच वर्ष में किसी भी नगर व गाँव की जल समस्या का हल हो जायेगा । इसके लिये समाज, संस्थाएं और शासन की त्रिवेणी को मिलकर काम करना होगा । किसी एक के प्रयास से सम्पूर्ण सफलता नहीं मिलेगी ।
कोरोना काल के कारण कार्यशाला में सीमित संख्या में प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भाग लिया । कार्यकर्ता ग्राम-ग्राम जाकर सितम्बर व अक्टूबर माह में चौपाल बैठकों में ग्रामोत्सव की तिथियाँ तय करेंगे । जिला प्रमुख श्री नागोराव सिरसाम ने कहा कि हमें कार्यशाला में दिये प्रशिक्षण के आधार पर ही बोरी बन्धान बनाना है । कार्यशाला का संचालन श्री संजू कवड़े ने किया तथा आभार बोरी बन्धान प्रमुख श्री मिथिलेश कवड़े माना।

By Vishal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *